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अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में कई भारतीय-अमेरिकी ने जीत दर्ज की

वाशिंगटन, चार नवंबर (भाषा) अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक सांसद अमी बेरा, रो खन्ना, प्रमिला जयपाल और सुहास सुब्रमण्यम प्रतिनिधि सभा के लिए फिर से चुने गए हैं, जबकि पिया डांडिया ने अमेरिकी संसद में पहली बार प्रवेश किया है।

कई अन्य भारतीय-अमेरिकी ने भी गवर्नर से लेकर स्थानीय निकायों तक के पदों के लिए चुनाव लड़ा था।

मंगलवार को हुए इन चुनावों में अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटें, उच्च सदन सीनेट की 35 सीटें, गवर्नर के 36 पद और स्थानीय निकायों के कई पद शामिल थे।

डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार बेरा (61) ने रिपब्लिकन उम्मीदवार रॉब टकर को हराया। उन्होंने कैलिफोर्निया के तीसरे 'कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट' से जीत हासिल की। उन्होंने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में आठवीं बार जीत दर्ज की है।

‘कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट’ अमेरिकी प्रांतों के भीतर एक विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र है। उन्हें इस तरह निर्धारित किया जाता है कि उनमें लगभग समान जनसंख्या हो, और प्रत्येक क्षेत्र से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए एक सदस्य चुना जाता है।

पेशे से चिकित्सक अमरीश बाबूलाल ‘अमी’ बेरा सबसे लंबे समय से अमेरिकी कांग्रेस के भारतीय-अमेरिकी सदस्य हैं। वह स्वास्थ्य सेवा और कूटनीति जैसे विषयों पर मुखर रहे हैं।

वह पहली बार 2013 में प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए थे और अभी विदेशी मामलों की समिति के सदस्य हैं। 1965 में लॉस एंजिल्स में गुजराती प्रवासी माता-पिता के घर जन्मे बेरा ने कैलिफोर्निया के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की थी।

खन्ना (50) ने कैलिफोर्निया के 17वें ‘कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट’ से फिर से चुनाव जीता है, जो सिलिकॉन वैली के बीचोंबीच स्थित है। वह अपना पांचवां कार्यकाल पूरा कर रहे हैं और जनवरी में अपने छठे कार्यकाल की शुरुआत करेंगे।

खन्ना का जन्म फिलाडेल्फिया में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनके माता-पिता 1970 के दशक में भारत से अमेरिका आकर बस गए थे।

सुब्रमण्यम (40) वर्जीनिया के 10वें ‘कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट’ से फिर से चुने गए हैं। उन्होंने रिपब्लिकन डेव बेकविथ को हराया है। उन्हें बेकविथ के मुकाबले 61 प्रतिशत से अधिक वोट मिले।

सुब्रमण्यम इससे पहले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के सलाहकार के रूप में काम कर चुके हैं। ह्यूस्टन में जन्मे सुब्रमण्यम ने न्यू ऑरलियन्स के ट्यूलेन विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है। वह पहली बार 2024 में संसद के लिए चुने गए थे। यह उनका दूसरा कार्यकाल होगा।

वाशिंगटन के 7वें ‘कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट’ का प्रतिनिधित्व करने वाली जयपाल प्रतिनिधि सभा में अपने छठे कार्यकाल के लिए चुनी गई हैं।

पिछले महीने, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की आलोचना करने को लेकर अमेरिका में भारत के राजदूत ने सार्वजनिक रूप से उनकी निंदा की थी।

जयपाल, जो पहली बार 2016 में अमेरिकी संसद के लिए चुनी गई थीं, आव्रजन सुधार और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े मुद्दों पर मुखर रही हैं।

डांडिया ने फ्लोरिडा के 22वें ‘कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट’ से जीत हासिल की है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी असकर को हराया। डांडिया को कुल 51.9 प्रतिशत वोट मिले।

उच्च विद्यालय की प्राचार्य रही डांडिया का जन्म और पालन-पोषण फ्लोरिडा के पाम बीच काउंटी में हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक शिक्षिका के रूप में की थी, और बाद में वह न्यूयॉर्क के हार्लेम में एक उच्च विद्यालय की प्राचार्य बनी थीं।

मेरीलैंड में, डेमोक्रेट पार्टी की भारतीय-अमेरिकी लेफ्टिनेंट गवर्नर अरुणा मिलर ने एक और कार्यकाल हासिल किया है।

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन पाने वाले भारतीय-अमेरिकी विवेक रामास्वामी, ओहायो के गवर्नर पद की दौड़ में डेमोक्रेट एमी एक्टन से हार गए। केरल से आए प्रवासी माता-पिता की संतान रामास्वामी ने मई में रिपब्लिकन प्राइमरी चुनाव जीता था।

नॉर्थ कैरोलिना के चौथे ‘कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट’ के चुनाव में रिपब्लिकन महेश गनोर्कर को डेमोक्रेट वैलेरी फौशी से शिकस्त मिली।

मध्यावधि चुनावों में, डेमोक्रेटिक पार्टी ने दोनों सदनों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है।

भाषा सुभाष पवनेश

पवनेश