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आप ने दिल्ली में एक्यूआई आंकड़ों में हेरफेर का आरोप लगाया, मुख्यमंत्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की

नयी दिल्ली, चार नवंबर (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) ने बुधवार को भाजपा के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार पर वायु गुणवत्ता के आंकड़ों में हेरफेर करने का आरोप लगाया और राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते प्रदूषण के बीच इस मामले में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।

शहर के सबसे प्रदूषित इलाकों में शामिल जहांगीरपुरी स्थित निगरानी केंद्र का हवाला देते हुए ‘आप’ की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि प्रदूषण के स्तर की रीडिंग में हेरफेर करने के लिए वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों के आसपास पानी का छिड़काव किया जा रहा है।

भारद्वाज ने कहा कि उनकी पार्टी ने मुख्यमंत्री गुप्ता और सिरसा के सामने बार-बार यह मुद्दा उठाया, लेकिन दोनों ने उनकी चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने और आम आदमी पार्टी के कई नेताओं तथा पार्षदों ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया है कि सबसे प्रदूषित इलाकों में शामिल जहांगीरपुरी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) निगरानी केंद्र के आसपास पानी का छिड़काव किया जा रहा है।’’

भारद्वाज ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को औपचारिक शिकायत देकर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के आंकड़ों में कथित हेरफेर के लिए गुप्ता और सिरसा के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने की मांग की।

उन्होंने निगरानी केंद्रों में कथित तौर पर भौतिक हस्तक्षेप की तत्काल, स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच कराने के साथ ही दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) द्वारा संचालित आंकड़े जुटाने वाली प्रणालियों और निगरानी केंद्रों का सख्त ऑडिट कराने की भी मांग की।

सीपीसीबी को लिखे पत्र में भारद्वाज ने कहा कि अस्थमा से पीड़ित मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों सहित लाखों संवेदनशील लोग अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों के बारे में अहम फैसले लेने के लिए आधिकारिक एक्यूआई आंकड़ों पर निर्भर रहते हैं।

आप नेता ने आरोप लगाया, ‘‘जब दिल्ली सरकार एक्यूआई के मनगढ़ंत और कम दर्शाने वाले आंकड़े जारी करती है, तो इससे प्रभावित होने वाले मरीजों को सुरक्षा का झूठा एहसास होता है।’’

उन्होंने दावा किया कि ऐसे आंकड़ों के कारण लोग बाहर निकल सकते हैं या जरूरी चिकित्सकीय सावधानियां बरतना छोड़ सकते हैं, जिससे वे खतरनाक प्रदूषकों के संपर्क में आ सकते हैं।

भारद्वाज ने आगाह किया कि इस तरह प्रदूषण के संपर्क में आने से सांस और हृदय संबंधी गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं।

भारद्वाज ने कहा कि उनकी पार्टी को उम्मीद थी कि भाजपा सरकार के दूसरे वर्ष के कार्यकाल में प्रदूषण प्रबंधन में सुधार होगा, लेकिन स्थिति में बहुत कम बदलाव आया है।

पार्टी ने वायु प्रदूषण और निगरानी के आंकड़ों में कथित हेरफेर के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए सोशल मीडिया अभियान शुरू करने की भी घोषणा की।

भारद्वाज ने कहा, ‘‘प्रदूषण से प्रभावित होने वाले कई लोग शारीरिक रूप से विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सकते, इसलिए हम जागरूकता फैलाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करेंगे।’’

दिल्ली में बिगड़ती वायु गुणवत्ता को लेकर आप और भाजपा एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराती रही हैं। सिरसा ने इससे पहले राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण बढ़ाने वाली पराली जलाने की घटनाओं के लिए पंजाब की आप सरकार को जिम्मेदार ठहराया था।

सीपीसीबी के अनुसार, बुधवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रही और एक्यूआई 379 दर्ज किया गया।

इन आरोपों पर दिल्ली सरकार या भाजपा की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

भाषा शफीक माधव

माधव