नयी दिल्ली, चार नवंबर (भाषा) जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को किसी भी मंच पर खुली बहस की चुनौती देने को लेकर बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना की तथा कहा कि बहस को सड़कों पर ले जाने के बजाय, उन्हें संसद के विशेष सत्र के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्ताव को स्वीकार कर लेना चाहिए।
जदयू की यह टिप्पणी ऐसे समय आयी है जब एक दिन पहले गांधी ने मोदी को इस आरोप पर खुली बहस की चुनौती दी थी कि ‘‘विपक्ष देश-विरोधी है।’’ गांधी ने यह भी पूछा कि ‘‘विदेशी संबंधों’’ के अपने आरोप को लेकर प्रधानमंत्री ने उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा क्यों नहीं दायर किया है।
जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने ‘पीटीआई -भाषा’ से कहा, ‘‘लोकतंत्र में बहस होनी चाहिए और ऐसी बहस के लिए उपयुक्त मंच लोकतंत्र का मंदिर संसद ही है।’’
प्रसाद ने कहा, ‘‘अगर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी को संसद में बहस की चुनौती दी है और राहुल गांधी भी चर्चा करना चाहते हैं, तो वह इस मौके का फायदा क्यों नहीं उठाते?’’
उन्होंने गांधी से अपील की कि वह संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग करें और लोकसभा में अपने सभी सवाल उठाएं।
जदयू नेता ने कहा, ‘‘अपनी बातों को सड़कों पर ले जाने के बजाय, उन्हें लोकसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग करनी चाहिए, अपने विचार रखने चाहिए और जो भी सवाल उनके मन में हों, उन्हें उठाना चाहिए। साथ ही, उनसे पूछे गए सवालों के जवाब भी उन्हें देने चाहिए।’’
भाषा
राजकुमार माधव
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