नयी दिल्ली, चार नवंबर (भाषा) टेलीविजन पर एक बहस के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी किये जाने के बाद, बुधवार को दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के एक वरिष्ठ प्राध्यापक के दफ्तर में कुछ लोगों ने कथित तौर पर तोड़फोड़ की।
टीवी पर बहस के दौरान कथित जातिवादी टिप्पणी को लेकर विवाद पैदा होने के बाद यह घटना हुई।
विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक संगीत कुमार रागी को एक समाचार चैनल पर बहस के दौरान सपा प्रवक्ता मनोज काका के खिलाफ की गई टिप्पणी के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा था।
डीयू के अधिकारियों के अनुसार, कुछ लोग रागी के दफ्तर में घुस गए और उनकी टिप्पणी के विरोध में वहां तोड़फोड़ की। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि तोड़फोड़ करने वालों में छात्र शामिल थे या नहीं।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने कुछ तस्वीरें साझा कीं, जिनमें दिख रहा है कि कार्यालय में तोड़फोड़ की गई है।
इस विवाद के कारण उत्तर प्रदेश में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आईं, जिसके बाद रागी ने मंगलवार शाम को 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी।
उन्होंने पोस्ट में लिखा, ‘‘इसका मकसद एक पूरे समुदाय को निशाना बनाना नहीं था, बल्कि उनके जैसे दुर्व्यवहार करने वालों के प्रति था। हो सकता है कि इससे कुछ लोगों को बुरा लगा हो, इसलिए मैं माफी मांगता हूं। मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था।’’
रागी ने अपनी बात पर कायम रहते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी उन लोगों के लिए थी जो अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं, और इसका मकसद किसी समुदाय विशेष को निशाना बनाना नहीं था।
भाषा सुभाष अविनाश
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