Breaking News

'दिल्ली की हवा में 30 सिगरेट पीने जैसा जोखिम झेल रहे लोग', प्रदूषण पर SC ने कहा     |   UP पुलिस को मिले 4,543 नए दरोगा, CM योगी ने बांटे नियुक्ति पत्र     |   पटना में पुलिस-STF का बड़ा एक्शन, मुठभेड़ में 3 अपराधी ढेर     |   योगी सरकार का बड़ा फैसला, आपदा में मौत पर अब परिवार को मिलेंगे 8 लाख रुपये     |   हिमाचल प्रदेश में तड़के सुबह भूकंप के झटके, चंबा में दर्ज हुई 3.2 तीव्रता     |  

बिहार: निर्दलीय विधान पार्षद बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज की सदस्यता रद्द करने की मांग

पटना, चार नवंबर (भाषा) राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बिहार विधान परिषद के निर्दलीय सदस्य बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज की सदस्यता समाप्त करने की मांग की है।

राजद और ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं ने दोनों सदस्यों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने का आरोप लगाते हुए बुधवार को विधान परिषद के सभापति को ज्ञापन सौंपा।

गठबंधन के नेताओं ने आरोप लगाया कि दोनों सदस्यों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता स्वीकार करके संविधान की दसवीं अनुसूची के प्रावधानों का उल्लंघन किया है। उन्होंने इस मामले में दोनों की विधान परिषद सदस्यता समाप्त करने की मांग की है।

राजद के राष्ट्रीय महासचिव एवं विधान परिषद सदस्य अब्दुल बारी सिद्दीकी और विधान परिषद सदस्य सुनील कुमार के नेतृत्व में ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं ने सभापति को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में वीडियो फुटेज और अन्य दस्तावेजी साक्ष्य भी प्रस्तुत किए।

सिद्दीकी ने पत्रकारों से कहा गया है कि बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विधान परिषद के सदस्य निर्वाचित हुए थे, लेकिन बाद में उनके भाजपा में शामिल होने का मामला सामने आया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के नेताओं के अनुसार, यह कदम दल-बदल से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन के दायरे में आता है।

नेताओं ने सभापति से मामले की गंभीरता से जांच कराने और संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत उचित कार्रवाई करते हुए दोनों सदस्यों की सदस्यता समाप्त करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में उपलब्ध वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज ने भी परिषद के सभापति से मिलकर दोनों निर्दलीय विधान पार्षद की सदस्यता रद्द करने की मांग की है

भाषा कैलाश

मनीषा अमित

अमित