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उत्तराखंड: केदारताल ट्रैक पर दो और शव मिले, लापता आठ ट्रेकरों में से अब तक चार के शव बरामद

उत्तरकाशी/ देहरादून, चार नवंबर (भाषा) उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में केदारताल ट्रैक पर करीब 4000 मीटर की उंचाई पर भारी बर्फबारी और हिमस्खलन में लापता दो और ट्रैकर के शव बुधवार को बरामद किये गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी ।

इसी के साथ, ट्रैक पर पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के सात ट्रैकर और एक स्थानीय गाइड समेत आठ लोगों की तलाश के लिए राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) की पर्वतीय बचाव टीम (एमआरटी) सहित अन्य एजेंसियों की संयुक्त टीम द्वारा चलाए जा रहे अभियान में अब तक चार शव बरामद हो चुके हैं ।

इससे पहले, मंगलवार को दो शव बर्फ के अंदर दबे हुए मिले थे जिन्हें काफी मशक्कत के साथ बाहर निकाला जा सका था ।

उत्तरकाशी के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने बताया कि अब तक चार शव बरामद हुए हैं, जिनमें दो पुरुष और दो महिला के हैं।

उत्तरकाशी जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, तीन शवों को केदारताल से हेलीकॉप्टर के माध्यम से मातली हेलीपैड पहुंचाया गया जहां से उन्हें उत्तरकाशी जिला चिकित्सालय लाया गया ।

भटवाड़ी के तहसीलदार ने बताया कि इनमें से दो महिला ट्रैकर के शवों की पहचान उनके परिजनों द्वारा उत्तर प्रदेश के लखनऊ की रहने वाली वर्तिका वर्मा (28) और दीपिका वर्मा (29) के रूप में की गयी है । उन्होंने बताया कि अन्य शवों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं ।

वहीं शेष लापता चार लोगों की तलाश के लिए केदारताल क्षेत्र में बचाव टीम जुटी हुई हैं । हालांकि, खराब मौसम, भारी बर्फबारी एवं अत्यंत विषम परिस्थितियां उनके सामने चुनौती पेश कर रही हैं । बर्फबारी के कारण पूरे इलाके में बहुत बड़ा क्षेत्र बर्फ में दबा हुआ है ।

अधिकारियों ने बताया कि वन विभाग की अनुमति लेकर 27 अक्टूबर को 'सोल सीकर ट्रैकिंग एजेंसी' के माध्यम से सात ट्रैकर और छह सहायक कर्मियों समेत 13 लोगों का दल गंगोत्री से केदारताल ट्रैक के लिए रवाना हुआ था। उन्होंने बताया कि इनमें से एक कुक बीच में ही वापस आ गया था जबकि शेष टीम को 29 अक्टूबर को वापस लौटना था, लेकिन खराब मौसम, बर्फबारी और मार्ग में हिमस्खलन के कारण उनकी वापसी संभव नहीं हो सकी।

अधिकारियों ने बताया कि सूचना मिलने पर जिला प्रशासन ने 31 अक्टूबर की सुबह बचाव अभियान शुरू किया और वन विभाग तथा अन्य एजेंसियों की टीम को मौके लिए रवाना किया ।

अधिकारियों ने बताया कि कच्ची ढांग (केदारखडग) के आसपास तीन पोर्टर और एक कुक समेत चार लोग सुरक्षित मिल गए , हालांकि, हिमस्खलन और बर्फबारी के कारण रास्ता बंद होने के चलते आठ अन्य को नहीं ढूंढा जा सका।

उन्होंने बताया कि इसके बाद हेलीकॉप्टर की मदद से एक और दो नवंबर को क्षेत्र की कई बार सघन हवाई रेकी की गयी लेकिन लापता ट्रैकर का कोई सुराग नहीं मिला। उन्होंने बताया कि इसके बाद दो नवंबर को एसडीआरएफ और निम की 10 सदस्यीय एमआरटी को हेलीकॉप्टर से क्षेत्र में छोड़ा गया जिसे जमीनी स्तर पर खोजबीन करने के बाद तंबू तथा कुछ अन्य सामान मिले थे ।

भाषा सं दीप्ति मनीषा अमित

अमित