लातूर(महाराष्ट्र), चार नवंबर (भाषा) लातूर जिले की एक अदालत ने 2023 में खेत में जाने के रास्ते को लेकर हुई मारपीट के मामले में एक व्यक्ति को गैर-इरादतन हत्या के लिए सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।
मंगलवार को सुनाए गए फैसले में, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एस.बी. पवार ने आरोपी संग्राम डोंगरे पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में, डोंगरे को छह महीने और जेल में रहना होगा।
पुलिस की एक विज्ञप्ति के अनुसार, सकोल गांव में खेत तक जाने वाले रास्ते को लेकर दो परिवारों के बीच विवाद हुआ था। इस मामले को सुलझाने के लिए एक फरवरी 2023 को एक बैठक हुई, लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका।
बाद में, जब इस मामले के शिकायतकर्ता शिवलिंग डोंगरे अपनी मोटरसाइकिल से गांव की ओर जा रहे थे, तो आरोपी विशाल डोंगरे ने संग्राम डोंगरे के खेत के पास अपने दोपहिया वाहन से उनकी मोटरसाइकिल को कथित तौर पर टक्कर मार दी। शिवलिंग के गिरने के बाद, उन्हें लात-घूंसों से पीटा गया। हमले में, संग्राम डोंगरे ने कथित तौर पर उन पर पत्थर फेंका, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं।
पुलिस के अनुसार, शिवलिंग के चाचा, भगवान डोंगरे, जिन्होंने बीच-बचाव किया था, उन पर भी हमला किया गया। संग्राम डोंगरे द्वारा कथित तौर पर फेंका गया पत्थर उनके सिर पर लगा, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मामले की जांच के बाद, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
अदालत ने संग्राम माणिक डोंगरे को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 भाग 2 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत दोषी करार दिया।
भाषा सुभाष नरेश
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