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बाल श्रम संशोधन अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए विशेष प्रकोष्ठ गठित करे केंद्र: न्यायालय

नयी दिल्ली, चार नवंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने केंद्र को निर्देश दिया है कि वह खतरनाक उद्योगों में बाल श्रमिकों को काम पर रखने से रोकने संबंधी बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ गठित करे।

न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को इस संबंध में राज्यों के संबंधित मुख्य सचिवों के माध्यम से प्रवर्तन एजेंसियों को निर्देश जारी करने का आदेश दिया।

पीठ ने कहा, ‘‘बच्चों और किशोरों के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से हम दूसरे प्रतिवादी को एक विशेष प्रकोष्ठ गठित करने, अधिनियम के प्रावधानों के क्रियान्वयन की निगरानी जारी रखने और अधिनियम संख्या 35, 2016 के तहत संशोधित प्रावधानों के अनुसार राज्यों के संबंधित मुख्य सचिवों के माध्यम से प्रवर्तन एजेंसियों को निर्देश जारी करने का आदेश देते हैं।’’

याचिकाकर्ता एनजीओ ‘हेल्थ फॉर मिलियंस’ की ओर से वकील प्रशांत भूषण और प्रणव सचदेवा पेश हुए।

बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2016 (2016 का अधिनियम संख्या 35) ने मूल बाल श्रम अधिनियम, 1986 का संशोधित रूप है और यह एक सितंबर 2016 से लागू हुआ था।

इस अधिनियम के तहत बच्चों को काम पर लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है और 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सभी तरह के व्यवसायों और प्रक्रियाओं में काम पर रखने पर रोक लगाई गई है।

वर्ष 2009 में दायर याचिका में बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 की धारा तीन के प्रावधान की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई थी। यह प्रावधान परिवार के श्रम के रूप में कार्यशालाओं में बीड़ी बनाने जैसी खतरनाक प्रक्रिया तथा सरकार से सहायता प्राप्त या वित्तपोषित स्कूलों में बाल श्रमिकों को काम पर लगाने की अनुमति देता है।

याचिका में केंद्र को यह निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है कि वह ऐसे बाल श्रमिकों को शिक्षा की सुविधा और दिन में दो बार भोजन (मध्याह्न भोजन) उपलब्ध कराए।

सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से पेश वकील ने पीठ को बताया कि मूल कानून में संशोधन के साथ ही याचिकाकर्ता की शिकायत का काफी हद तक समाधान हो गया है इसलिए अब इस याचिका पर आगे विचार करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

भाषा सुरभि नरेश

नरेश