हैदराबाद, चार नवंबर (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग (एपीपीएससी) की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कथित अनियमितताओं से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के तहत बुधवार को आईपीएस अधिकारी पी. सीताराम आंजनेयुलु और कुछ अन्य लोगों के परिसरों पर छापेमारी की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों ने इस कार्रवाई के तहत तेलंगाना के हैदराबाद और सिकंदराबाद तथा आंध्र प्रदेश के गुंटूर में कुल सात परिसरों पर छापे मारे।
धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज ईडी का मामला एपीपीएससी की ग्रुप-1 मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान एक निजी पक्ष को 1.14 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था।
ईडी के अनुसार, उस समय आंजनेयुलु आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग के सचिव थे जबकि ‘कैमसाइन मीडिया’ नामक एक कंपनी को उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का काम सौंपा गया था।
एजेंसी ने 1992 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी आंजनेयुलु के अलावा ‘कैमसाइन मीडिया’ के प्रबंध निदेशक (एमडी) पी. मधुसूदन राव के परिसरों पर भी छापेमारी की। गुंटूर जिले के चिनाकाकानी गांव स्थित आवासा रिसॉर्ट हैलैंड की भी तलाशी ली गई (जहां उत्तर पुस्तिकाएं रखी गई थीं और मूल्यांकन का काम किया गया था)।
ईडी के मुताबिक, अन्य जगहों में ‘स्टोन मीडिया एडवाइजरी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड’ (जिसने पहले एपीपीएससी के लिए डिजिटल मूल्यांकन का काम किया था) की एक इकाई ‘ट्रू-ग्रेडर सर्विसेज’ के परिसर भी शामिल हैं। इसके अलावा, कंपनी एमडी अकेल्ला पेरी श्रीनिवास राव और मूल्यांकन कार्य से जुड़े महामकाली रघुराम के परिसरों पर भी तलाशी ली गई।
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