तिरुवनंतपुरम, चार नवंबर (भाषा) केरलम के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने बुधवार को कहा कि जिस कारोबारी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के साथ बैठक के दौरान कथित तौर पर मेटा एआई स्मार्ट चश्मा पहना था, उसने उनके साथ मुलाकात के दौरान भी यही चश्मा पहना था।
कर्नाटक सरकार द्वारा दोनों मुख्यमंत्रियों को निशाना बनाकर कथित तौर पर स्टिंग ऑपरेशन करने की कोशिशों की जांच के बारे में पूछे जाने पर सतीशन ने कहा कि उन्हें उस बैठक की तस्वीरें मिली हैं।
उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ''हां, वह मुझसे मिला था। मुझे उस बैठक की तस्वीरें भी भेजी गई हैं। चूंकि मामले की जांच चल रही है, इसलिए मैं इसका विवरण नहीं देना चाहता।''
सतीशन ने सवाल उठाया कि कारोबारी ने दोनों कांग्रेस मुख्यमंत्रियों से मुलाकात के दौरान ही स्मार्ट चश्मा क्यों पहना था, जबकि भाजपा नेताओं और अन्य मंत्रियों से मुलाकात के समय उसने कथित तौर पर ऐसा नहीं किया था।
उन्होंने कहा, ''मुझे समझ नहीं आया कि उसने वह चश्मा क्यों पहना था। क्या उसने केवल डी के शिवकुमार और मुझसे मुलाकात के दौरान ही यह चश्मा पहना था? जब वह भाजपा नेताओं और अन्य मंत्रियों से मिला, तब ऐसा लगता है कि उसने चश्मा नहीं पहना था। इस अंतर को दिखाने वाली दो अलग-अलग तस्वीरें हैं।''
उन्होंने कहा, ''बहरहाल, जांच आगे बढ़ने दीजिए।''
सतीशन ने केरलम सरकार की ओर से अलग से जांच कराने की संभावना भी खारिज कर दी और कहा कि कर्नाटक पुलिस पहले से ही इस मामले की जांच कर रही है।
शिवकुमार ने हाल में आशंका जताई थी कि मेटा एआई स्मार्ट चश्मा पहने एक कारोबारी ने उनसे मुलाकात के दौरान उनकी बातचीत रिकॉर्ड करने या जासूसी करने की कोशिश की थी।
कारोबारी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री से व्यावसायिक मामलों पर चर्चा के लिए मुलाकात का समय मांगा था। हालांकि, बताया जाता है कि उसने अपनी कंपनी के बजाय राजनीति और चुनावी रणनीतियों, खासकर बूथ स्तर के समीकरणों पर चर्चा की।
शिवकुमार ने कहा था कि उस व्यक्ति ने अपना लैपटॉप खोला और चुनावी विश्लेषक की तरह बात करने लगा। उस व्यक्ति के चेहरे और चश्मे पर ध्यान जाने के बाद उन्हें संदेह हुआ और उन्होंने उसकी पहचान तथा पृष्ठभूमि की जांच के आदेश दिए।
शिवकुमार ने कारोबारी का नाम लिए बिना दावा किया था कि उसने उनसे और सतीशन से मुलाकात के दौरान मेटा स्मार्ट चश्मा पहना था, लेकिन आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, एक केंद्रीय मंत्री और अन्य मंत्रियों से मुलाकात के दौरान ऐसा नहीं किया था।
शिवकुमार ने अपने मंत्रिमंडल के कुछ सहयोगियों को निशाना बनाकर स्टिंग ऑपरेशन करने की कोशिशों का भी आरोप लगाया था।
भाषा मनीषा
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