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उत्तराखंड: केदारताल ट्रैक पर एक और ट्रेकर का शव मिला, लापता आठ में से अब तक तीन के शव बरामद

देहरादून, चार नवंबर (भाषा) उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में केदारताल ट्रैक पर करीब 4000 मीटर की उंचाई पर भारी बर्फबारी और हिमस्खलन में लापता एक और ट्रेकर का शव बुधवार को बरामद हो गया । अधिकारियों ने यह जानकारी दी ।

इसी के साथ, ट्रेक पर पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के सात ट्रेकर और एक स्थानीय गाइड समेत आठ लोगों की तलाश के लिए चलाए जा रहे अभियान में अब तक तीन शव बरामद हो चुके हैं । इससे पहले, दो शव मंगलवार को बर्फ के अंदर दबे हुए मिले थे ।

राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) से मिली जानकारी के अनुसार, तीनों शवों—दो पुरुष और एक महिला को हेलीकॉप्टर से मातली हेलीपैड पहुंचा दिया गया है ।

शेष लापता पांच लोगों की तलाश के लिए केदारताल क्षेत्र में एसडीआरएफ, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम), वन विभाग एवं अन्य एजेंसियों की टीमें संयुक्त रूप से तलाश एवं बचाव अभियान में जुटी हुई हैं ।

हालांकि, खराब मौसम, भारी बर्फबारी एवं अत्यंत विषम परिस्थितियां बचाव दलों के सामने चुनौती पेश कर रही हैं । बर्फबारी के कारण पूरे इलाके में बहुत बड़ा क्षेत्र बर्फ में दबा हुआ है ।

अधिकारियों ने बताया कि वन विभाग की अनुमति लेकर 27 अक्टूबर को 'सोल सीकर ट्रेकिंग एजेंसी' के माध्यम से सात ट्रैकर और छह सहायक कर्मियों समेत 13 लोगों का दल गंगोत्री से केदारताल ट्रैक के लिए रवाना हुआ था। इनमें से एक कुक बीच में ही वापस आ गया था जबकि शेष टीम को 29 अक्टूबर को वापस लौटना था, लेकिन खराब मौसम, बर्फबारी और मार्ग में हिमस्खलन के कारण उनकी वापसी संभव नहीं हो सकी।

अधिकारियों ने बताया कि 30 अक्टूबर को ट्रैकिंग एजेंसी के माध्यम से फोन पर संपर्क होने पर ट्रेकरों ने कच्ची ढांग (केदारखडग) के पास फंसे होने की जानकारी देते हुए वहां से निकलने में मदद मांगी ।

इसके बाद ट्रैकिंग एजेंसी ने 30 अक्टूबर को ही पोर्टर और गाइड की टीम भेजकर करीब छह किलोमीटर तक रास्ता खोलने का काम किया । सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन ने 31 अक्टूबर की सुबह बचाव अभियान शुरू किया और वन विभाग, एनडीआरएफ आदि एजेंसियों की टीम को मौके लिए रवाना किया ।

कच्ची ढांग के आसपास तीन पोर्टर और एक कुक समेत चार लोग सुरक्षित मिल गए । हालांकि, हिमस्खलन और बर्फबारी के कारण रास्ता बंद होने के चलते आठ अन्य को नहीं ढूंढा जा सका था।

लापता ट्रैकरों में से पांच पश्चिम बंगाल तथा दो अन्य उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं जबकि स्थानीय गाइड उत्तरकाशी जिले के उत्तरों गांव का रहने वाला है ।

भाषा दीप्ति

मनीषा

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