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ओडिशा के भूस्खलन प्रभावित गांव में बचाव अभियान रोका गया, परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी में

(फाइल फोटो के साथ)

भुवनेश्वर/फुलबनी, चार नवंबर (भाषा) दक्षिण ओडिशा के भूस्खलन प्रभावित गिडिपाबली गांव में तलाश एवं बचाव अभियान बुधवार को खराब मौसम के कारण रोक दिया गया। इस बीच, लापता 10 लोगों के परिजनों ने अंतिम संस्कार की रस्में पूरी करने की तैयारी शुरू कर दी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

कंधमाल के जिलाधिकारी वेदभूषण ने बताया कि विशेषज्ञों के अनुसार, मलबे में करीब 30 फुट नीचे शव दबे हो सकते हैं। लगातार तीन बार भूस्खलन होने के कारण मलबा हटाना मुश्किल है। आगे विस्फोट करने से फिर भूस्खलन होने और बचावकर्मियों की जान खतरे में पड़ने की आशंका है। इसलिए परिवारों की सहमति से अभियान रोक दिया गया।

उन्होंने बताया कि परिवारों ने हालात को समझते हुए प्रशासन से अंतिम संस्कार की रस्में पूरी करने में मदद मांगी है। हालांकि, मौसम दो-तीन दिन तक साफ रहने पर अभियान बंद करने से पहले एक बार फिर तलाश की जाएगी।

राज्य सरकार ने पिछले सप्ताह चक्रवात अर्नब के कारण हुई भारी बारिश के बाद भूस्खलन की घटना के मद्देनजर शुक्रवार को अभियान शुरू किया था। इसमें एनडीआरएफ, रेलवे की टीमों, आईआईटी के विशेषज्ञों, श्वान दस्तों और जीवन का पता लगाने वाले उपकरणों की मदद ली गई, लेकिन कोई बड़ी सफलता नहीं मिली।

कंधमाल और गंजाम जिलों की सीमा पर स्थित इस गांव के 26 निवासियों में से 13 लोग 29 अक्टूबर की रात भूस्खलन से बच निकले थे। शेष 13 लोगों की तलाश के दौरान एक व्यक्ति को जीवित बचाया गया और दो शव बरामद हुए। उनकी पहचान 29 वर्षीय सलमान प्रधान और 52 वर्षीय रबी मलिक के रूप में हुई। अभी 10 लोग लापता हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि घटनास्थल तक भारी मशीनें पहुंचाने के लिए सड़क नहीं है। करीब 30 फुट मलबा जमा होने के कारण नियंत्रित विस्फोट और जमीन के भीतर की स्थिति का पता लगाने के लिए रडार का इस्तेमाल भी कारगर नहीं रहा। आगे के प्रयासों पर विशेषज्ञों, राज्य सरकार और प्रभावित परिवारों से चर्चा के बाद फैसला लिया जाएगा।

भाषा ] मनीषा

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