पणजी, चार नवंबर (भाषा) गोवा के एक कॉलेज ने शादी और पारिवारिक जीवन की जिम्मेदारियों के लिए लोगों को तैयार करने के उद्देश्य से 15 दिवसीय नया प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू कर रही है।
इस पाठ्यक्रम को शुरू करने को लेकर कॉलेज की विवरणिका में सवाल उठाया गया है, ' हम करियर बनाने की तैयारी में लगभग 20 साल लगा देते हैं लेकिन शादी या पारिवारिक जीवन की तैयारी में कितना समय देते हैं, जबकि आमतौर पर ये हमारे जीवन का करियर से भी बड़ा हिस्सा होते हैं?'
गोवा गृह विज्ञान महाविद्यालय के प्राचार्य महेश पाई ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि 'विवाह के लिए तैयार' होने का अर्थ केवल इसके समारोह की तैयारी से कहीं अधिक है और इसके लिए वैवाहिक जीवन की समझ, प्रतिबद्धता और जिम्मेदारियों को समझना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि यह पाठ्यक्रम लोगों को एक स्वस्थ और दीर्घकालिक रिश्ता बनाने के लिए जरूरी पहलुओं को समझने में मदद करता है।
पाई ने बताया कि कॉलेज के 'मानव विकास और परिवार अध्ययन विभाग' द्वारा शुरू किया गया प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम, 'मैरिज रेडीनेस: प्रिपेयरिंग फॉर हेल्दी एंड लास्टिंग रिलेशनशिप्स' दो से 17 दिसंबर, 2026 तक आयोजित किया जाएगा।
यह 15 दिनों का पाठ्यक्रम, रविवार को पणजी में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि गोवा सरकार तलाक के मामलों को कम करने के लिए पूरे राज्य में विवाह-पूर्व परामर्श शुरू करने की योजना बना रही है।
राज्य विधि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2022 से 2025 के बीच गोवा की दीवानी अदालतों में विवाह और तलाक से जुड़ी 3,000 से अधिक याचिकाएं दायर की गईं, जिनमें से 947 याचिकाएं अकेले 2024 में दायर की गईं।
प्राचार्य महेश पाई ने कहा कि यह पाठ्यक्रम इन पहलुओं को समझने और एक स्वस्थ एवं टिकाऊ रिश्ता बनाने के लिए जरूरी बातों की गहरी समझ विकसित करने का अवसर प्रदान करता है।
भाषा प्रचेता रंजन
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