(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, चार नवंबर (भाषा) दिल्ली पुलिस ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का डिजिटल रूप से छेड़छाड़ किया गया एक वीडियो साझा करने के आरोप में उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की है। वीडियो में कथित तौर पर भारत विरोधी टिप्पणियां थीं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने साइबर निगरानी के बाद तीन नवंबर को सोशल मीडिया मीडिया मंच पर ‘ऐटदीरेटदकोट्सन्यूज’ हैंडल से की गई एक पोस्ट देखी थी जिसमें दावा किया गया था कि रूस के विदेश मंत्री का कथित रूप से छेड़छाड़ किया गया एक वीडियो भूषण के ‘एक्स’ हैंडल से साझा किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद विशेष प्रकोष्ठ थाने में एक मामला दर्ज किया गया।
पुलिस के अनुसार इस वीडियो में भ्रामक और भड़काऊ बातें थीं जिनसे अफवाहें फैलने की आशंका थी, किसी की छवि खराब हो सकती थी और कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती थी।
इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 336 (4) (जालसाजी), 353 (1) (सी) (सार्वजनिक उपद्रव को बढ़ावा देने वाले बयान), 356 (मानहानि) और 340 (2) (फर्जी दस्तावेज को असली बताकर इस्तेमाल करना) के साथ सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धारा 66 सी (पहचान की चोरी के लिए सजा) के तहत विशेष प्रकोष्ठ थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।
यह घटनाक्रम डिजिटल रूप से छेड़छाड़ करके बनाए गए वीडियो की विदेश मंत्रालय (एमईए) द्वारा पड़ताल (फैक्ट-चेक) करने और उसे फर्जी बताए जाने के बाद सामने आया है, जिसे गलत तरीके से रूस के विदेश मंत्री से जोड़कर पेश किया गया था।
इस फर्जी वीडियो में लावरोव को भारत के आंतरिक मामलों और तेल खरीद को लेकर देश की कथित तौर पर आलोचना करते हुए दिखे थे।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और सोशल मीडिया पर वीडियो की सामग्री तथा उसके प्रसार की पड़ताल कर रही है।
भाषा सुरभि अमित
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