बलिया (उप्र), चार नवंबर (भाषा) बलिया की एक स्थानीय अदालत ने आठवीं कक्षा की छात्रा की कृत्रिम मेधा (एआई) से अश्लील तस्वीर बनाकर व्हाट्सऐप पर भेजने के करीब डेढ़ साल पुराने मामले में स्कूल बस के चालक को दोषी करार देते हुए 25 साल के कारावास की सजा सुनाई है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, भीमपुरा थाने में पिछले साल सात मई को क्षेत्र के एक गांव के निवासी व्यक्ति की शिकायत पर देवलवीर गांव के संजीत कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और लैंगिक अपराध से बच्चों की सुरक्षा अधिनियम (पॉक्सो) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसकी बेटी आठवीं कक्षा में पढ़ती है और संजीत कुमार स्कूल में अनुबंध पर वाहन चलाता है। छात्रा के स्कूल आने-जाने के दौरान आरोपी ने उसकी तस्वीरों का इस्तेमाल कर एआई की मदद से अश्लील तस्वीरें बनाईं और उन्हें व्हाट्सऐप पर भेजा। उसके कुछ दोस्तों ने भी उनसे जुड़े लोगों को ये तस्वीरें भेजीं। शिकायतकर्ता के मुताबिक छात्रा ने जब ऐसा करने से मना किया तो आरोपी ने उसे धमकी भी दी थी।
पुलिस ने मामले की जांच के बाद संजीत कुमार के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया।
पुलिस ने बुधवार को बताया कि विशेष न्यायाधीश प्रथमकांत की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद संजीत को दोषी करार देते हुए 25 साल के कारावास की सजा सुनाई और 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
भाषा सं जफर रंजन सुरभि
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