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शिक्षा ग्रहण करने से अधिक जरूरी उसे व्यावहारिक जीवन में उतारना है : राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

लखनऊ, तीन नवंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को कहा कि स्वतंत्र भारत में प्रत्येक व्यक्ति के लिए शिक्षा बेहद जरूरी है और उससे भी अधिक आवश्यक है कि शिक्षा को व्यावहारिक जीवन में उतारा जाए।

जनभवन द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने शाहजहांपुर स्थित स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय का दौरा किया और परिसर में ब्रह्मलीन स्वामी शुकदेवानंद के मंदिर में पूजा-अर्चना कर पुष्पांजलि अर्पित की।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘स्वतंत्र भारत में प्रत्येक व्यक्ति के लिए शिक्षा नितांत आवश्यक है। शिक्षा ग्रहण करने से भी कहीं अधिक आवश्यक यह है कि शिक्षा को व्यावहारिक जीवन में भी उतारा जाए।’’

नशामुक्ति पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ व्यापक अभियान चलाना शिक्षकों के साथ-साथ विद्यार्थियों का भी दायित्व है। उन्होंने कहा कि भारत तभी स्वस्थ बन सकेगा, जब वह नशामुक्त होगा।

उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें अंतरिक्ष की ऊंचाइयों और समुद्र की गहराइयों तक पहुंचकर शोध करना चाहिए। कक्षाओं में विद्यार्थियों की उपस्थिति पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की उपस्थिति 75 प्रतिशत से अधिक होनी ही चाहिए।

पटेल ने कहा कि आज के समय में स्वावलंबी होना बहुत जरूरी है। इस मौके पर उन्होंने विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) के मूल्यांकन की तैयारी अभी से शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में लगातार सुधार करते हुए विद्यार्थियों को रोजगार के योग्य बनाने का प्रयास किया जाना चाहिए।

उन्होंने विश्वविद्यालय में छात्राओं की अधिक उपस्थिति की सराहना करते हुए कहा कि निस्संदेह छात्राएं आज अथक परिश्रम कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए और सभी को उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने की भावना से काम करना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय के एक आदर्श संस्थान के रूप में विकसित होने की कामना की।

राज्यपाल ने कुलपति, वित्त अधिकारी, कुलसचिव, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, कुलानुशासक और सभी संकायाध्यक्षों के साथ समीक्षा बैठक की।

उन्होंने बैठक में कहा कि विश्वविद्यालय का संचालन पूरी पारदर्शिता और स्पष्ट कार्ययोजना के अनुसार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रवेश परीक्षाएं और अन्य सभी प्रशासनिक कार्य नियमित और तय समय पर पूरे किए जाने चाहिए।

राज्यपाल ने विज्ञान प्रयोगशालाओं के दौरे के दौरान विद्यार्थियों से बातचीत की और उन्हें करियर संबंधी मार्गदर्शन भी दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को कृत्रिम मेधा (एआई) और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने प्रयोगशालाओं में उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों से उनके प्रयोगों के बारे में सवाल भी पूछे।

राज्यपाल ने विद्यार्थियों को स्वस्थ खानपान अपनाने की सलाह दी और सभी विभागों को विद्यार्थियों की सुविधा के लिए अपने पुस्तकालय विकसित करने का निर्देश दिया।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. पुष्पेंद्र बहादुर सिंह और डॉ. प्रवेंद्र दीक्षित की पुस्तक ‘मार्केटिंग रिसर्च’, डॉ. जे. एस. ओझा की पुस्तक ‘हिंदू लॉ’ तथा डॉ. जे. एस. ओझा, डॉ. अनिल कुमार और डॉ. प्रदीप कुमार सिंह की पुस्तक ‘न्यू क्रिमिनल लॉ रेजीम एंड ह्यूमन राइट्स इन इंडिया’ का विमोचन भी किया गया।

भाषा

सिम्मी

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