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एसीपी मनस्वी वशिष्ठः पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ के पीएसओ से लेकर पुलिस मुख्यालय पर प्रदर्शन तक

नयी दिल्ली, तीन नवंबर (भाषा) पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) के रूप में सेवा देने से लेकर तबादले के विरोध में पुलिसकर्मियों के प्रदर्शन के केंद्र में रहने तक, दिल्ली पुलिस के निलंबित सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) मनस्वी वशिष्ठ का करियर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और राष्ट्रीय राजधानी में विभिन्न पदों पर तैनाती से जुड़ा रहा है।

दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दमन एवं दीव, और दादरा एवं नगर हवेली पुलिस सेवा (दैनिप्स) के 2019 बैच के अधिकारी वशिष्ठ को गृह मंत्रालय ने दो नवंबर को निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय के बाहर 100 से अधिक पुलिसकर्मियों के प्रदर्शन करने के कुछ घंटे बाद हुई थी। यह प्रदर्शन उनके और शाहदरा थाने के थाना प्रभारी (एसएचओ) अरुण कुमार के तबादले के विरोध में हुआ था जिनमें महिला अधिकारी भी शामिल थीं।

वशिष्ठ ने धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से 2025 में इस्तीफा देने तक उनके निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) के रूप में काम किया था।

सूत्रों के मुताबिक, वह दिल्ली पुलिस की सुरक्षा इकाई का भी हिस्सा रहे और एआई शिखर सम्मेलन तथा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में शामिल थे।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), खड़गपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके वशिष्ठ ने 2016 में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) में सेवा शुरू की थी। उन्होंने करीब चार साल तक इस बल में काम किया और इस दौरान जम्मू-कश्मीर तथा बिहार में उनकी तैनाती रही। इसके बाद वह प्रांतीय पुलिस सेवा के 2019-20 बैच के तहत दैनिप्स में शामिल हुए।

जयपुर में जन्मे और पले-बढ़े वशिष्ठ चिकित्सकों के परिवार से आते हैं। उन्होंने 2009 से 2013 के बीच आईआईटी खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।

शुरुआती प्रशिक्षण और दिल्ली में तैनाती के बाद 2022 में उनका तबादला अंडमान और निकोबार द्वीप समूह कर दिया गया। वहां उन्होंने डिगलीपुर और हैवलॉक में पुलिस उपाधीक्षक के रूप में सेवाएं दीं। दिसंबर 2024 में वह दिल्ली लौटे और इसके बाद दिल्ली पुलिस में विभिन्न पदों पर तैनात रहे।

दिसंबर 2025 में उन्हें गांधी नगर में एसीपी के पद पर तैनात किया गया, जहां उन्होंने करीब तीन महीने तक काम किया। इसके बाद उन्हें दिल्ली पुलिस की सुरक्षा इकाई में भेजा गया और मार्च 2026 में फिर से गांधी नगर में एसीपी के पद पर तैनात किया गया।

वशिष्ठ विवाहित हैं और उनके दो बच्चे हैं।

वशिष्ठ और कुमार का तबादला 28 अक्टूबर को किया गया था। यह कार्रवाई 23 अक्टूबर को शाहदरा थाने में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच हुई झड़प के बाद की गई थी।

यह विवाद अधिवक्ता ललित बंसल के साथ कथित मारपीट में उनके सिर पर गंभीर चोट लगने के बाद शुरू हुआ था। इस घटना के संबंध में शाहदरा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

भाषा नोमान नोमान पवनेश

पवनेश