कुरुक्षेत्र, तीन नवंबर (भाषा) हरियाणा कांग्रेस ने मंगलवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के विधानसभा क्षेत्र से अपने राज्यव्यापी ‘वोट बचाओ-देश बचाओ चौपाल’ अभियान के तीसरे चरण की शुरुआत की।
पार्टी के एक बयान में कहा गया है कि एक नवंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ रैली के बाद, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस ने अपने राज्यव्यापी ‘वोट बचाओ-देश बचाओ चौपाल’ अभियान के तीसरे चरण की शुरुआत की। इसकी शुरुआत कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा विधानसभा क्षेत्र में स्थित सैनी के पैतृक गांव, मंगोली जथेर से की गई।
इस मौके पर कांग्रेस के हरियाणा प्रभारी संजय दत्त, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, रोहतक के सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा, और कुरुक्षेत्र जिला कांग्रेस अध्यक्ष तथा लाडवा के पूर्व विधायक चौधरी मेवा सिंह ने एक जनसभा को संबोधित किया।
यह अभियान तीन नवंबर से 25 नवंबर तक पूरे हरियाणा में चलाया जाएगा।
पार्टी ने एक बयान में कहा, “इस पहल के तहत, गांवों और मतदान-केंद्र स्तरों पर चौपालें आयोजित की जाएंगी। इनका उद्देश्य मतदाताओं को उनके संवैधानिक अधिकारों के बारे में जागरूक करना है, साथ ही मतदाता सूची में गड़बड़ियों, वोटों के कथित तौर पर हटाए जाने और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़ी चिंताओं के बारे में लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना है।”
सभा को संबोधित करते हुए दत्त ने कहा कि मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र और पैतृक गांव से ‘वोट बचाओ-देश बचाओ चौपाल’ अभियान की शुरुआत एक अहम राजनीतिक संदेश देती है।
उन्होंने कहा, “आज इस चौपाल से उठने वाली आवाज पूरे हरियाणा में लोकतंत्र की रक्षा के लिए एक सामूहिक जन-संकल्प बन जाएगी।”
दत्त ने दावा किया कि भाजपा अब ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ जैसे नारे लगाकर जनता का ध्यान उन गंभीर सवालों से भटकाने की कोशिश कर रही है, जिनका जवाब उसे देना चाहिए।
उन्होंने कहा, “यह एक राजनीतिक विडंबना है कि जिस पार्टी के शासनकाल में संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर बार-बार सवाल उठाए जा रहे हैं, वही पार्टी अब लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर राजनीतिक अभियान चला रही है।”
दत्त ने कहा कि निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाना अराजकता नहीं है।
उन्होंने कहा, “मतदाता सूची में पारदर्शिता की मांग करना अराजकता नहीं है। शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन अराजकता नहीं है। हर पात्र नागरिक के वोट की सुरक्षा की मांग करना, असल में, लोकतंत्र की सच्ची भावना है।”
उन्होंने कहा कि 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनावों के संदर्भ में, राहुल गांधी द्वारा मतदाता सूची और कथित ‘वोट चोरी’ को लेकर उठाए गए गंभीर सवालों का जवाब भाजपा और निर्वाचन आयोग को तथ्यों के साथ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन आरोपों की एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए।
भाषा प्रशांत वैभव
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