चेन्नई, सात सितंबर (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने सोमवार को सरकारी खुदरा शराब विक्रेता कंपनी टीएएसएमएसी में भ्रष्टाचार को लेकर पिछली द्रमुक सरकार पर निशाना साधा और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में सामने आए तथ्यों का हवाला दिया।
राज्य विधानसभा में ईडी के दस्तावेजों को पढ़ते हुए उन्होंने बताया कि 2021 से 2025 के बीच आम बोलचाल में “करूर गैंग” कहे जाने वाले एक “संगठित अपराध गिरोह” ने कथित तौर पर अवैध वसूली, निविदा में हेरफेर और गैरकानूनी धन हस्तांतरण के लिए सरकारी तंत्र का इस्तेमाल किया।
उन्होंने कहा कि करूर जिले से संबंध रखने वाले द्रमुक के पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी के विभाग के तहत कथित रूप से सरकारी प्रक्रियाओं को दरकिनार किया गया, जिससे निजी व्यक्तियों और राजनीतिक बिचौलियों को सरकारी अधिकारों का इस्तेमाल करने का मौका मिला।
उन्होंने दावा किया कि करूर और कोयंबटूर क्षेत्रों में एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था, जो “शराब उपभोक्ताओं से व्यवस्थित तरीके से अतिरिक्त पैसे वसूलता था तथा स्थानीय बार मालिकों से जबरन वसूली करता था।”
भाषा जोहेब नेत्रपाल
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