कोलकाता, सात सितंबर (भाषा) मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के तहत पहली दुर्गा पूजा के दौरान बड़े पैमाने पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, ड्रोन और आतिशबाजी शो आयोजित किए जाएंगे, जबकि तृणमूल कांग्रेस के समय शुरू किया गया वार्षिक उत्सव इस साल नहीं होगा।
यह स्पष्ट करते हुए कि पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार के उलट, अब दुर्गा पूजा आयोजित करने की अनुमति के लिए आयोजकों को अदालत का दरवाजा खटखटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि यह त्योहार बिना किसी अनावश्यक रुकावट के बंगाली परंपराओं और संस्कृति के अनुसार मनाया जाए।
त्योहार की तैयारी और समन्वय के लिए हुई बैठक के बाद शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ‘‘पिछले कुछ वर्षों से दुर्गा पूजा के नाम पर जो उत्सव आयोजित किया जा रहा था, वह इस साल नहीं होगा।’’
उन्होंने कहा कि इसके बजाय, राज्य के पर्यटन और सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग मिलकर ईडन गार्डन्स में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करेंगे जिससे त्योहारों की शुरुआत होगी।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में चार घंटे का ड्रोन और आतिशबाजी शो होगा। साथ ही, दुर्गा पूजा से पहले पूरे राज्य में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि महालया के बाद दीघा में भी एक विशेष कार्यक्रम होगा, जबकि राज्य के छह शहरों में दो दिन तक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
तत्कालीन ममता बनर्जी सरकार ने 2017 में यह उत्सव शुरू किया था। इससे कुछ महीने पहले ही प्रशासन को मुहर्रम के दौरान मूर्ति विसर्जन पर रोक लगाने के फैसले को लेकर आलोचना और अल्पसंख्यकों को खुश करने के आरोपों का सामना करना पड़ा था। उस साल, विजयदशमी (जब दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है) 30 सितंबर को थी, जबकि मुहर्रम एक अक्टूबर को था।
तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस सरकार ने आदेश दिया था कि दशमी के दिन शाम 6 बजे तक मूर्ति विसर्जन रोक दिया जाए और एक अक्टूबर को इसे पूरी तरह से बंद रखा जाए। सरकार ने यह आदेश विसर्जन शोभायात्राओं और मुहर्रम के कार्यक्रमों के बीच टकराव से बचने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिया था। दो अक्टूबर से विसर्जन फिर से शुरू हो गया।
इन पाबंदियों से राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था और भाजपा ने तृणमूल सरकार पर अल्पसंख्यकों के तुष्टीकरण का आरोप लगाया था। यह मामला कलकत्ता उच्च न्यायालय भी पहुंचा, जिसने विसर्जन पर लगाई गई पाबंदियों पर सवाल उठाए।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि सरकार पूजा के आयोजन के नाम पर सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों को बेवजह बंद नहीं होने देगी।
उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय राजमार्गों को बंद नहीं किया जा सकता। सड़कें रोककर पूजा का आयोजन नहीं किया जा सकता।’’ उन्होंने संकेत दिया कि आयोजकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि लोगों की आवाजाही में कोई बाधा न आए।
भाषा सुभाष नरेश
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