Breaking News

BRICS Summit के लिए दिल्ली पहुंचे पुतिन, पालम एअरपोर्ट पर उतरा राष्ट्रपति का विमान     |   पूर्व वेनेजुएला फर्स्ट लेडी ने मांगी जेल से रिहाई, दिल की बीमारी का दिया हवाला     |   तिब्बत में 3.7 तीव्रता का भूकंप, तड़के सुबह महसूस हुए झटके     |   दिल्ली में IGL का अभियान, CNG सिलेंडरों के हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट की होगी जांच     |   BRICS समिट से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी     |  

चंद्रशेखरन का यात्रियों का भरोसा फिर जीतने पर जोर, नए सीईओ बोले- एयर इंडिया का गौरव वापस लाएंगे

नयी दिल्ली, सात सितंबर (भाषा) टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने सोमवार को कहा कि एक महत्वपूर्ण नए चरण में प्रवेश कर रही एयर इंडिया को यात्रियों का भरोसा दोबारा कायम करने और अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने की आवश्यकता है। वहीं, एयरलाइन के नए मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) टेवोल्डे गेब्रेमरियम ने कर्मचारियों से एयरलाइन के पुराने गौरव को लौटाने में मदद करने का आह्वान करते हुए कहा, ‘मेक एयर इंडिया ग्रेट अगेन’ (एयर इंडिया को फिर से महान बनाएंगे)।

एयर इंडिया के चेयरमैन चंद्रशेखरन ने कर्मचारियों के साथ एक 'टाउन हॉल' बैठक में यह बात कही। उन्होंने 20 फरवरी, 2027 को अपना मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने पर टाटा संस के चेयरमैन पद से हटने की घोषणा की है। इस घोषणा के बाद यह उनका पहला टाउन हॉल संबोधन था।

उन्होंने औपचारिक रूप से 61 वर्षीय नए मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक गेब्रेमरियम का परिचय कराया, जो कैंपबेल विल्सन की जगह ले रहे हैं।

यह नेतृत्व परिवर्तन एयर इंडिया के लिए एक अत्यंत नाजुक मोड़ पर आया है। एयरलाइन बढ़ते घाटे, परिचालन संबंधी व्यवधानों और पिछले साल हुए एक बड़े विमान हादसे के बाद नियामकीय जांच के सख्त दौर से जूझ रही है।

चंद्रशेखरन ने कर्मचारियों से कहा, ‘‘एयर इंडिया के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात लोगों का भरोसा जीतना होना चाहिए।’’ उन्होंने जोर देकर कहा कि एयरलाइन का सुरक्षा रिकॉर्ड ‘सर्वश्रेष्ठ से भी बेहतर’ होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि एयरलाइन के अगले चरण को सुरक्षा, ग्राहकों के विश्वास, परिचालन क्रियान्वयन और वित्तीय अनुशासन पर ध्यान केंद्रित करना होगा। साथ ही, उन्होंने कर्मचारियों से लागत के प्रति सचेत रहने की एक मजबूत कार्यसंस्कृति विकसित करने का आग्रह किया।

चंद्रशेखरन ने स्वीकार किया कि पिछले 18 महीने विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण रहे हैं। उन्होंने भू-राजनीतिक उथल-पुथल, हवाई क्षेत्र बंद होने, ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और जानलेवा एआई-171 हादसे का हवाला देते हुए कहा कि इन कारकों ने एयर इंडिया के परिचालन और प्रदर्शन को काफी प्रभावित किया है।

जून, 2025 में अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एयर इंडिया का बोइंग 787 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 260 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद एयरलाइन के सुरक्षा मानकों की गहन जांच शुरू हुई। इसके अलावा, एयर इंडिया को परिचालन और अनुपालन संबंधी खामियों को लेकर भी नियामकीय आपत्तियों का सामना करना पड़ा है। ऐसे में सुरक्षा और प्रक्रियाओं को मजबूत करने के लिए प्रबंधन पर भारी दबाव है।

चंद्रशेखरन ने कहा कि एयर इंडिया को पूरी तरह खड़ा करने में तेजी से बदलाव के बजाय पांच से 10 साल का समय लग सकता है। एयर इंडिया के अधिग्रहण और बाद में विस्तारा के विलय के बाद से समूह नए विमानों के बेड़े, केबिन नवीनीकरण, प्रौद्योगिकी और एकीकरण में भारी निवेश कर रहा है।

घाटे को नियंत्रित करने के टाटा समूह के प्रयासों के बीच एयर इंडिया ने 500 से अधिक नए विमान का ऑर्डर भी दे रखा है, जिससे भविष्य में बड़ी पूंजी लगाने की प्रतिबद्धता बनी हुई है। लागत घटाने के दबाव के चलते एयरलाइन कुछ विमान की आपूर्ति को टालने के विकल्पों पर भी विचार कर रही है।

इस पृष्ठभूमि में, गेब्रेमरियम ने एयर इंडिया के कर्मचारियों को अपने पहले संबोधन में विमानन परिचालन की बुनियादी बातों पर फिर से ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।

इथियोपियन एयरलाइंस समूह के पूर्व मुख्य कार्यकारी ने कहा कि एयर इंडिया के पास एक समृद्ध विरासत, एक मजबूत ब्रांड और अपार संभावनाएं हैं। उनके पास इस उद्योग में लगभग चार दशक का अनुभव है।

उन्होंने कहा, ‘‘यदि हम सही समय पर सही कदम उठाएंगे, तो असीम संभावनाएं हमारे सामने हैं।’’

अमेरिका से आ रहे गेब्रेमरियम ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ नारे की तर्ज पर कहा, ''मेक एयर इंडिया ग्रेट अगेन।''

गेब्रेमरियम ने 1990 के दशक में मुंबई में काम करने के दौरान एयर इंडिया के साथ अपने अनुभव को याद करते हुए कहा कि उस समय यह एयरलाइन उद्योग के शीर्ष पर थी। उन्होंने कहा कि अब उनके पास इस एयरलाइन को उसी मुकाम पर दोबारा पहुंचाने का अवसर है।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा एयरलाइन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए और कर्मचारियों को किसी भी चिंता को उठाने का पूरा अधिकार होना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘सुरक्षा सबसे पहले, की संस्कृति हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि कुछ गलत लगता है, तो उसे तुरंत रोक दिया जाना चाहिए।’’

गेब्रेमरियम ने परिचालन भरोसे को अपनी योजनाओं के केंद्र में रखा। उन्होंने कहा कि बुनियादी बातों में उड़ानों का समय पर प्रस्थान और आगमन, सामान की भरोसेमंद डिलिवरी और स्वच्छ विमान शामिल हैं।

एयर इंडिया ने व्यापक चयन प्रक्रिया के बाद गेब्रेमरियम को सीईओ एवं एमडी नियुक्त करने की पांच अगस्त को घोषणा की थी। इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए निदेशक मंडल की एक विशेष समिति बनाई गई थी। जनवरी, 2022 में एयरलाइन के निजीकरण के बाद गेब्रेमरियम इसके दूसरे विदेशी सीईओ हैं।

विल्सन ने कहा कि एयर इंडिया का कायाकल्प जारी रहेगा और उसके सबसे अच्छे दिन अभी आने बाकी हैं। उन्होंने कहा कि वह पर्दे के पीछे से एयर इंडिया के सबसे बड़े समर्थक बने रहेंगे और गेब्रेमरियम एयरलाइन को बड़ी सफलता के साथ आगे ले जाएंगे।

एयर इंडिया ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जानकारी दी, ''एयर इंडिया के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के नेतृत्व में कर्मचारियों ने टाउन हॉल में एकत्र होकर एयर इंडिया के नए सीईओ टेवोल्डे गेबरियाम का स्वागत किया। इस मौके पर निवर्तमान सीईओ कैंपबेल विल्सन भी मौजूद रहे। यह एयर इंडिया के बदलाव की यात्रा के अगले अध्याय की शुरुआत है।''

टाटा समूह ने जनवरी, 2022 में सरकार से एयर इंडिया का अधिग्रहण किया था। इसके बाद सिंगापुर एयरलाइंस ने एयरलाइन में 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की।

भाषा अजय पाण्डेय

अजय