शिमला, सात सितंबर (भाषा) हिमाचल प्रदेश सरकार में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद कंगना रनौत पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग कलम और कानून की ताकत को समझते हैं, उन्हें ‘चिल्लाने या किसी का अपमान करने’ की जरूरत नहीं पड़ती।
मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत शनिवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता के दौरान सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडीएस) के तहत विकास कार्यों में देरी को लेकर अधिकारियों पर नाराज दिखीं।
बैठक के दौरान अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कंगना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने किसी का नाम लिए बिना सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “जो लोग कलम और कानून की ताकत को समझते हैं, उन्हें कभी चिल्लाने या अपमानित करने की जरूरत नहीं पड़ती।”
सिंह ने कहा कि केवल आवाज ऊंची करने से आदेश सख्त नहीं हो जाते और केवल कलम से किया गया एक हस्ताक्षर ही पर्याप्त होना चाहिए।
उन्होंने कहा, “ प्रशासन शांत, लेकिन दृढ़ फैसलों से चलता है, जब कलम में अधिकार होता है, तो चिल्लाने की जरूरत नहीं पड़ती।”
मंडी लोकसभा सीट से 2024 के चुनाव में कंगना रनौत से हारने वाले विक्रमादित्य सिंह छह बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे दिवंगत वीरभद्र सिंह के बेटे हैं।
इससे पहले, शनिवार को कंगना रनौत ने कहा था कि केवल योजनाएं बनाने या सुझाव देने से विकास नहीं हो सकता, बल्कि उनका सही तरीके से लागू होना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा था कि विकास कार्यों के लिए करीब 11 करोड़ रुपये जारी किए गए थे, लेकिन लगभग दो साल बीत जाने के बाद भी सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना की राशि का एक बड़ा हिस्सा इस्तेमाल नहीं किया गया।
वीडियो में कंगना रनौत को यह कहते हुए सुना गया, “मुझे सिर्फ बेकार के वादे सुनने को मिल रहे हैं। अब तुरंत काम करके दिखाइए। चीजों को ठीक करने का समय निकल चुका है। मुझे बताइए कि अब तक क्या काम हुआ है।”
उन्होंने अधिकारियों पर ‘भ्रामक आंकड़े पेश करने’ और बार-बार बहाने बनाने का आरोप लगाते हुए पूछा कि काम में देरी को लेकर वह राष्ट्रीय मीडिया और जनता को क्या जवाब दें।
कंगना ने कहा, “क्या मैं यह बताऊं कि अधिकारी लापरवाह हैं और केवल वेतन लेने के लिए आते हैं।”
भाषा जितेंद्र दिलीप
दिलीप