(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, सात सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी के सत्य निकेतन में इमारत ढहने के एक दिन बाद उसके पास स्थित दिल्ली विश्वविद्यालय का दक्षिण परिसर सोमवार को सूना रहा और यहां कॉलेज बंद रहे।
परिसर के पास स्थित सत्य निकेतन में ‘पेइंग गेस्ट’ (पीजी) आवास के तौर पर इस्तेमाल की जा रही इमारत के रविवार दोपहर ढह जाने से सात लोग मारे गए हैं। इसके बाद छात्रों ने जवाबदेही की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
डीयू अधिकारियों के अनुसार, मृतकों में कम से कम एक विश्वविद्यालय का छात्र है, जबकि मोतीलाल नेहरू कॉलेज के तीन छात्रों के लापता होने की सूचना मिली है।
दक्षिण परिसर की निदेशक रजनी अब्बी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज के एक छात्र की मौत हो गई जो मध्य प्रदेश का रहने वाला था।
उन्होंने कहा कि इमारत ढहने से प्रभावित छात्रों की कोई आधिकारिक सूची फिलहाल विश्वविद्यालय के पास उपलब्ध नहीं है।
अब्बी ने कहा, 'हालांकि, कॉलेजों में सभी कक्षाएं सोमवार को निलंबित कर दी गई हैं। कक्षाओं को प्रभावित छात्रों के रहने के लिए अस्थायी आवास में परिवर्तित किया गया है। कोई भी छात्र अंदर आ सकता है और रह सकता है।”
इस घटना के बाद छात्र संगठनों ने भी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने सत्य निकेतन में धरना दिया है और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने अधिकारियों से जवाबदेही की मांग की है। क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) के कार्यकर्ताओं ने भी कला संकाय में प्रदर्शन किया और रैली निकाली।
भाषा नोमान नोमान नरेश
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