नैनीताल, सात सितंबर (भाषा) उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने पिछले महीने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद कथित शुद्धीकरण अनुष्ठान के कारण उपजे विवाद से संबंधित एक जनहित याचिका का सोमवार को निपटारा कर दिया।
सुनवाई के दौरान, राज्य सरकार ने न्यायालय को भरोसा दिया कि मामले की जांच की जाएगी और घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज समेत सभी प्रासंगिक इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को एकत्रित करके संरक्षित किया जाएगा।
राज्य सरकार की ओर से भरोसा दिलाए जाने के बाद न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने याचिका का निपटारा कर दिया।
यह याचिका देहरादून के सामाजिक कार्यकर्ता बैजनाथ ने दायर की थी। याचिका में कथित शुद्धिकरण अनुष्ठान पर चिंता जताई थी और घटना से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक व दस्तावेज़ी सबूतों को सुरक्षित रखे जाने का अनुरोध किया था।
आठ अगस्त को हुई खरगे की जनसभा के बाद रामलीला मैदान में शुद्धीकरण किए जाने की खबरें आने के बाद विवाद खड़ा हो गया था। आरोप है कि वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच वहां गंगाजल छिड़का गया।
याचिकाकर्ता ने सार्वजनिक स्थल पर ऐसा किए जाने से सामाजिक अशांति फैलने की आशंका व्यक्त करते हुए अधिकारियों से इस संबंध में उचित कार्रवाई की मांग की थी।
उन्होंने वीडियो रिकॉर्डिंग और सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने की भी मांग की थी ताकि घटना से जुड़ी अहम जानकारी अनुपलब्ध न हो जाए।
राज्य सरकार द्वारा घटना की जांच कराए जाने तथा जरूरी सबूत संरक्षित रखे जाने का भरोसा दिलाए जाने के बाद उच्च न्यायालय ने याचिका का निपटारा कर दिया।
भाषा सं दीप्ति जोहेब
जोहेब