नयी दिल्ली, सात सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में जारी एक सामूहिक प्रदर्शनी में नौ कलाकार एक साथ आए हैं। ये कलाकार प्रयोग और कलात्मक स्वतंत्रता को अपनाते हुए, पारंपरिक तरीकों से हटकर कुछ नया रचने के मायने तलाशते हैं और डेविड लिंच की मशहूर फिल्म ‘वाइल्ड एट हार्ट’ की बेबाक भावना से प्रेरणा लेते हैं।
‘थापर कंटेम्पररी गैलरी’ में जारी ‘सिंग.नो क्राई’ का जैसोन मिरांडा-बिलबाओ और वैभव राज शाह ने संयोजन एवं प्रबंधन किया है।
इस शीर्षक का मतलब है अपनी आवाज को खोजना और उसे बनाए रखना। जहाँ ‘‘गाना’’ अभिव्यक्ति, जोर देने और कुछ नया रचने का संकेत देता है, वहीं ‘नो क्राई’ का मतलब दर्द से इनकार करना नहीं, बल्कि दर्द को अपनी अभिव्यक्ति को दबाने न देने का निर्णय है।
पंद्रह अक्टूबर तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में अमिकम टोरेन, आशा वैद्यनाथ, बासिस्ट कुमार, होली हेंड्री, केटी प्रैट, राहुल पपानिया, शिवांगी लाधा, वनिता गुप्ता और विला हिल्डिच का काम प्रदर्शित किया गया है।
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नेत्रपाल मनीषा
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