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गणेशोत्सव में ध्वनि प्रदूषण रोकने की पहल: लातूर पुलिस ने शुरू किया ‘नो डीजे, नो डॉल्बी’ अभियान

लातूर, सात सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के लातूर जिले में पुलिस ने आगामी गणेशोत्सव के दौरान ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए गणेश मंडलों को डीजे, ‘डॉल्बी साउंड सिस्टम’ और तेज आवाज वाले अन्य ध्वनि उपकरणों का इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश दिया है।

पुलिस अधीक्षक अमोल तांबे ने सोमवार को कहा कि ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

राज्य में डीजे और तेज आवाज वाले लाउडस्पीकरों से मुक्त त्योहार मनाने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है। पुणे के कार्यकर्ता विद्यनाथ बापट इस मुद्दे पर उन प्रमुख लोगों में शामिल हैं, जो त्योहारों के दौरान ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले उपकरणों के इस्तेमाल का विरोध कर रहे हैं।

दस दिवसीय गणपति उत्सव 14 सितंबर से शुरू होगा।

लातूर पुलिस ने जिले के सभी गणेश मंडलों से प्रशासन का सहयोग करने और ‘नो डीजे, नो डॉल्बी’ पहल का समर्थन करने की अपील की है।

पुलिस ने मंडलों से आग्रह किया है कि वे पारंपरिक वाद्य यंत्रों जैसे ढोल-ताशा, लेझिम, हलगी और ताल-मृदंग को प्राथमिकता दें, ताकि उत्सव निर्धारित ध्वनि सीमा के भीतर, शांतिपूर्ण, अनुशासित और सांस्कृतिक तरीके से आयोजित हो सके।

पुलिस ने कहा कि डीजे, डॉल्बी सिस्टम या अन्य प्रतिबंधित ध्वनि उपकरणों के जरिए ध्वनि प्रदूषण नियमों का उल्लंघन करने वाले गणेश मंडलों और लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

भाषा मनीषा सुभाष

सुभाष