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मुख्यमंत्री शिवकुमार ने प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में भारत-अमेरिका के बीच गहरे संबंधों का आह्वान किया

बेंगलुरु, छह सितंबर (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने रविवार को प्रौद्योगिकी, शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान, निवेश और संस्कृति के क्षेत्र में भारत-अमेरिका सहयोग बढ़ाने की वकालत की।

उन्होंने दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी में बेंगलुरु को प्रमुख प्रौद्योगिकी एवं नवाचार केंद्र बताया।

अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की मौजूदगी में शिवकुमार ने कहा कि भारत-अमेरिका संबंध अब पारंपरिक सरकारी संपर्क से आगे बढ़ रहे हैं और विश्वविद्यालय, वैज्ञानिक, उद्यमी, स्टार्टअप तथा कंपनियां इसमें अहम भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने कहा कि वाशिंगटन और नयी दिल्ली रणनीतिक साझेदारी का मार्गदर्शन कर सकते हैं लेकिन बेंगलुरु और सिलिकॉन वैली इसे मजबूत तकनीकी आयाम देते हैं।

शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, एयरोस्पेस, उन्नत विनिर्माण, डिजिटल प्रौद्योगिकी और वैज्ञानिक अनुसंधान में अमेरिका के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है।

उन्होंने बताया कि राज्य अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी और निवेश के लिए केडब्ल्यूआईएन सिटी, सेमीकंडक्टर पार्क तथा एआई टेक पार्क विकसित कर रहा है। एआई हब और भारत का पहला सार्वजनिक क्षेत्र का एआई विश्वविद्यालय स्थापित करने की भी योजना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक में 1,000 से अधिक अमेरिकी कंपनियां काम कर रही हैं और बेंगलुरु में 80,000 से अधिक अमेरिकी नागरिक रहते हैं।

उन्होंने अमेरिकी कंपनियों को ‘बियॉन्ड बेंगलुरु’ कार्यक्रम के तहत निवेश के अवसर तलाशने का न्योता दिया।

शिवकुमार ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दिखाता है कि देश प्रतिभा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी को साथ लाकर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत, अमेरिका और कर्नाटक मिलकर अधिक समृद्ध भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।

भाषा

राखी प्रशांत

प्रशांत