कोलकाता, छह सितंबर (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक हुमायूं कबीर ने रविवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के शासन इलाके में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं ने उनके साथ मारपीट की। हालांकि, सत्तारूढ़ दल ने आरोप से इनकार किया है।
पूर्व आईपीएस अधिकारी कबीर ने कहा कि जिले के शासन थाना क्षेत्र के कीर्तिपुर नंबर एक ग्राम पंचायत के खारीबाड़ी में हुई घटना में उनके पैर में चोट लगी।
कबीर वहां तृणमूल कांग्रेस के एक स्थानीय कार्यालय में आयोजित पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में शामिल होने पहुंचे थे। उनके पहुंचने पर भाजपा समर्थकों ने ‘वापस जाओ’ के नारे लगाए और कथित तौर पर उन्हें कार्यक्रम में शामिल हुए बिना वहां से जाने के लिए मजबूर कर दिया।
इलाके में तनाव का माहौल बन गया और स्थानीय थाने से बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के साथ ही कबीर को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला।
कबीर ने बाद में कहा, ‘‘पार्टी कार्यालय के गेट के बाहर करीब 60-70 लोगों की भीड़ ने मुझे रोक लिया। उन्होंने मुझे धक्का देकर मेरी गाड़ी की ओर खदेड़ दिया। बाद में मुझे पता चला कि मेरे पैर की पिंडली की हड्डी और मांसपेशियों में किसी धारदार वस्तु से चोट पहुंचाई गई।’’
पूर्व आईपीएस अधिकारी ने कहा, ‘‘मैंने बिधाननगर अस्पताल में अपनी चोटों की जांच कराई है और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का इरादा रखता हूं।’’
कबीर के वहां से चले जाने के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया और तृणमूल कांग्रेस के कई पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ किए जाने के आरोप सामने आए।
भाजपा ने शारीरिक हमले के आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया कि तृणमूल ने पिछले 15 वर्षों से क्षेत्र में राजनीतिक अशांति पैदा कर रखी है और अब ऐसी बैठकें आयोजित करके फिर से तनाव पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
भाजपा ने दावा किया कि कुछ स्थानीय लोगों ने इन चिंताओं का हवाला देते हुए कबीर से वहां बैठक आयोजित नहीं करने का अनुरोध किया था।
बारासात जिला पुलिस अधीक्षक जे मर्सी ने कहा कि पूर्व विधायक बैठक के लिए निर्धारित समय पर आयोजन स्थल पर पहुंचने में देर कर गए थे। उन्होंने कहा कि देरी के कारण कुछ लोगों ने विरोध किया और पुलिस ने कबीर को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला तथा उन्हें इलाके से बाहर तक पहुंचाया।
उन्होंने कहा कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है और यदि नेता की ओर से शिकायत मिलती है तो पुलिस हमले के पहलू की भी जांच करेगी।
भाषा अमित प्रशांत
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