Breaking News

9/11 हमले के 25 साल, मृतकों को श्रद्धांजलि, पीड़ित परिवारों के साथ खड़े: PM मोदी     |   ‘आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत सबसे आगे’, 9/11 हमले की बरसी पर बोले PM मोदी     |   महेश बाबू, राजामौली, VVS लक्ष्मण, साइना नेहवाल को SIR प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी     |   UP के सीएम योगी आदित्यनाथ ने गड्ढा-मुक्त सड़कों को लेकर लखनऊ में बैठक की     |   BRICS Summit के लिए दिल्ली पहुंचे पुतिन, पालम एअरपोर्ट पर उतरा राष्ट्रपति का विमान     |  

झारखंड के उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार का 56 वर्ष की आयु में निधन

रांची, छह सितंबर (भाषा) झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता और राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार का रविवार तड़के हृदयाघात के कारण निधन हो गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। वह 56 वर्ष के थे।

अधिकारियों ने बताया कि कुमार को देर रात करीब ढाई बजे उनके गृह नगर गिरिडीह के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था और चिकित्सकों ने तड़के करीब चार बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया।

झामुमो विधायक कुमार के पास नगर विकास, पर्यटन, कला एवं संस्कृति तथा खेल एवं युवा कार्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों की भी जिम्मेदारी थी। उनके परिवार में पत्नी श्वेता शर्मा, दो बेटियां और एक बेटा है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी सहयोगी रहे कुमार ने झामुमो के नेतृत्व वाली सरकार के सामने आए कई राजनीतिक संकटों से निपटने में अहम भूमिका निभाई थी। इनमें पिछले महीने रांची में हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन का मामला भी शामिल था।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो और कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर समेत कई अन्य नेताओं ने कुमार के निधन पर शोक व्यक्त किया।

सोरेन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सोनू भैया के चले जाने से मेरी जिंदगी में ऐसी कमी पैदा हो गई है, जिसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता।’’

उन्होंने कहा कि कुमार उनके लिए सिर्फ एक वरिष्ठ सहयोगी या राजनीतिक साथी नहीं थे, बल्कि ‘‘एक बड़े भाई की तरह थे - स्नेही, मार्गदर्शन देने वाले और हर मुश्किल समय में मजबूती से मेरे साथ खड़े रहने वाले।’’

सोरेन ने झारखंड आंदोलन के साथ कुमार के जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि उन्होंने झामुमो के संस्थापक शिबू सोरेन के साथ ‘‘पूरी निष्ठा और मजबूती से’’ कदम से कदम मिलाकर काम किया।

उन्होंने कहा, ‘‘झामुमो के एक समर्पित सिपाही के रूप में कुमार ने अपना पूरा जीवन झारखंड की पहचान, अधिकार और गौरव की लड़ाई के लिए समर्पित कर दिया।’’

सोरेन ने कहा कि ‘झारखंडियत’ के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और उनका अडिग जज्बा हमेशा याद किया जाएगा।

झामुमो ने कुमार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे पार्टी, सरकार और झारखंड के लिए ‘‘अपूरणीय क्षति’’ बताया।

पार्टी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘झारखंड मुक्ति मोर्चा परिवार झामुमो के समर्पित साथी और झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार के असामयिक निधन से स्तब्ध और बेहद दुखी है।’’

कांग्रेस की झारखंड इकाई के पूर्व अध्यक्ष ठाकुर ने कहा कि कुमार ने झामुमो के नेतृत्व वाले गठबंधन की एकता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने कुमार के असामयिक निधन पर गहरा दुख जताया।

कुमार पहली बार 2019 में गिरिडीह से झारखंड विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे।

उन्होंने झामुमो के भीतर कई संकटों को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इनमें 2024 में कथित भूमि धोखाधड़ी और धन शोधन मामले में सोरेन की गिरफ्तारी के दौरान पार्टी के सामने आया संकट भी शामिल है।

उन्होंने पिछले माह राज्य में हुए छात्रों के आंदोलन के दौरान भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने उस समिति का नेतृत्व किया था, जिसने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कई दौर की बातचीत की थी।

कुमार इसी सप्ताह कर्नाटक से लौटे थे, जहां उन्होंने झारखंड में पर्यटन बुनियादी ढांचे के प्रबंधन को बेहतर बनाने के तरीके तलाशने संबंधी राज्य सरकार के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था।

उन्होंने कर्नाटक के पर्यटन मंत्री के. जे. जॉर्ज से मुलाकात की और दोनों राज्यों के बीच पर्यटन तथा वन प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की थी।

भाषा

गोला खारी

खारी