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उप्र में जन्माष्टमी का उत्सव शुरू, योगी ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान में की पूजा-अर्चना

मथुरा/लखनऊ, चार सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान को ‘समुद्र मंथन’ की थीम पर सजाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना की जबकि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लखनऊ के एक मंदिर में दर्शन किए।

आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान में करीब 45 मिनट बिताए। उन्होंने सबसे पहले गौ पूजन किया और इसके बाद केशव देव मंदिर, योगमाया मंदिर, गर्भगृह तथा भागवत भवन में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।

मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में कमल का फूल अर्पित किया और पूजा की। इस दौरान श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा समिति के पदाधिकारियों ने उनका पारंपरिक स्वागत किया।

श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा समिति के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि पूरे जन्मस्थान मंदिर परिसर को ‘समुद्र मंथन’ की थीम पर सजाया गया है, जबकि मंदिर के अंदरूनी हिस्से को ‘कलहंस राजहंस’ की थीम पर सजाया गया है।

शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री को भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े शंख ‘पाञ्चजन्य’ की प्रतिकृति भेंट की गई। यह पंचरत्नी पोशाक में दर्शाए गए पांच बहुमूल्य रत्नों में से एक है।

लखनऊ में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने चौक क्षेत्र स्थित श्री द्वारकाधीश मंदिर में पूजा-अर्चना की और राज्य तथा पूरे देश के लोगों की समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

जनभवन की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, राज्यपाल ने मंदिर से जुड़े बच्चों और अन्य स्वयंसेवकों से भी बातचीत की तथा उनकी दिनचर्या, शिक्षा और भगवान की सेवा से जुड़े अनुभवों के बारे में जानकारी ली।

योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में रिजर्व पुलिस लाइन्स में आयोजित जन्माष्टमी समारोह में भाग लिया और कहा कि ''आक्रांता मंदिर तोड़ सकता है लेकिन आस्था नहीं तोड़ सकता है। वे मूर्तियां तोड़ सकते हैं लेकिन मूल्य नहीं, वे मंदिरों के ऊपर अपनी इमारत खड़ा कर सकते हैं, लेकिन मन में बसे श्रीराम और श्रीकृष्ण को कभी छू भी नहीं पाये।''

जन्माष्टमी के मौके पर राज्य की राजधानी के मंदिर सजे-धजे नजर आए और पूजा-सामग्री बेचने वाली दुकानें सामान्य समय से अधिक देर तक खुली रहीं। वाराणसी के मंदिरों को भी जन्माष्टमी के लिए सजाया गया है। श्रद्धालु आधी रात से ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के अवसर पर होने वाले उत्सव की तैयारी में जुटे हैं।

आयोजकों ने बताया कि दुर्गाकुंड स्थित इस्कॉन मंदिर में रात 10 बजे से मध्यरात्रि तक विशेष महाभिषेक किया जाएगा। इसके लिए गंगाजल, दही, दूध तथा फलों और फूलों के रस समेत 51 सामग्री से विशेष मिश्रण तैयार किया गया है। महाभिषेक के बाद बाल स्वरूप भगवान श्रीकृष्ण ‘लड्डू गोपाल’ को 108 प्रकार के व्यंजनों का विशेष भोग लगाया जाएगा।

शहर के मंदिरों और अन्य स्थानों पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से संबंधित झांकियां भी सजाई गई हैं।

इसके अलावा प्रयागराज, कानपुर, मेरठ, गोरखपुर, गाजियाबाद, सहारनपुर और आगरा समेत प्रदेश के विभिन्न शहरों में भी जन्माष्टमी की तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालु सुबह से ही मंदिरों, विशेषकर भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

जालौन जिले में स्थित उरई जिला कारागार में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार पूरे धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य ने बताया कि इस मौके पर जेल की सभी बैरकों और सर्किलों में आकर्षक झांकियां सजाई गई हैं। कार्यक्रम के दौरान, कैदियों ने भजन और कीर्तन गाकर भगवान कृष्ण की पूजा-अर्चना की।

जेल अधीक्षक के अनुसार, जन्माष्टमी के अवसर पर लगभग 166 कैदियों ने व्रत रखा है। व्रत रखने वाले कैदियों को जेल मैनुअल के नियमों के अनुसार विशेष भोजन दिया गया; इसमें दूध, चीनी, केले, आलू और अन्य निर्धारित खाद्य सामग्री शामिल थी। इसके अलावा, जेल में बंद सभी कैदियों के लिए 'प्रसाद' की भी व्यवस्था की गई।

जन्माष्टमी के दौरान जेल परिसर में भक्तिमय और आध्यात्मिक माहौल रहा। कैदियों ने धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया और बड़े उत्साह के साथ भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है।

जन्माष्टमी भगवान विष्णु के अवतार माने जाने वाले भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का पर्व है। मथुरा-वृंदावन, गोकुल और अयोध्या समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों पर रातभर उत्सव जारी रहेगा। इस अवसर पर मंदिरों में मध्य रात्रि पूजा, आरती और भक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

भाषा सं जफर आनन्द रंजन

रंजन