कोलकाता, चार सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के प्राथमिक शिक्षकों के एक संगठन ने राज्य की स्कूली शिक्षा प्रणाली के संकट को दूर करने की मांग को लेकर शिक्षक दिवस पर सभी सरकारी कार्यक्रमों के बहिष्कार और पांच सितंबर को कोलकाता में विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है।
'बंगीय प्राथमिक शिक्षक समिति' ने आरोप लगाया कि शिक्षकों के विचारों को ध्यान में रखे बिना शिक्षा नीतियां बनाई जा रही हैं और विभिन्न कारणों से अभिभावकों का सरकारी स्कूलों से विश्वास उठ रहा है।
संगठन ने एक केंद्रीय रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि पिछले साल देश भर में 4,791 स्कूल बंद हुए, जिनमें से 568 पश्चिम बंगाल में थे।
एक बयान में समिति ने आरोप लगाया कि स्कूलों के बंद होने के कारणों की जांच करने के बजाय कम नामांकन वाले स्कूलों का विलय करने के कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे और अधिक शिक्षण संस्थान बंद हो सकते हैं।
शिक्षक संगठन ने यह भी दावा किया कि देशभर में 1,00,843 स्कूल ऐसे हैं, जो केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं, जिनमें पश्चिम बंगाल के 6,769 प्राथमिक स्कूल शामिल हैं। राज्य में कई स्कूल कथित तौर पर केवल एक या दो शिक्षकों के सहारे संचालित हो रहे हैं।
संगठन का कहना है कि न तो शिक्षा नीति बनाने में और न ही शिक्षा प्रणाली को चलाने में शिक्षकों से सलाह ली जाती है, बल्कि उनसे केवल उच्च अधिकारियों द्वारा लिए गए निर्णयों को लागू करने की उम्मीद की जाती है।
भाषा सुमित दिलीप
दिलीप