चंडीगढ़, चार सितंबर (भाषा) पंजाब के संगरूर में मुख्यमंत्री भगवंत मान के एक कार्यक्रम के दौरान काला झंडा दिखाने वाले सिख युवक को कथित तौर पर हिरासत में यातना दिए जाने को लेकर शुक्रवार को विवाद खड़ा हो गया। विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधते हुए मामले की जांच की मांग की है।
पीड़ित युवक की पहचान संगरूर के शेरों गांव निवासी मोहनजीत सिंह के रूप में हुई है। मोहनजीत ने आरोप लगाया है कि दो सितंबर को मान के ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम स्थल के पास एक मकान की छत से काला झंडा दिखाने के बाद पंजाब पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर यातनाएं दी।
युवक ने दावा किया कि वह मादक पदार्थों की समस्या पर लगाम लगाने में आप सरकार की कथित नाकामी के खिलाफ नारे लगा रहा था।
मोहनजीत ने आरोप लगाया कि पुलिस हिरासत में उसे बिजली के झटके दिए गए, उसकी दाढ़ी खींची गई, उसके घावों पर नमक रगड़ा गया और उसके अंत:वस्त्र फाड़ दिए गए।
हालांकि, संगरूर पुलिस ने मोहनजीत के आरोपों को खारिज कर दिया है। संगरूर की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रवजोत कौर ग्रेवाल ने कहा कि मोहनजीत गंभीर अपराधों में दर्ज आठ प्राथमिकी का सामना कर रहा एक अपराधी है।
पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि मोहनजीत ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में व्यवधान डालने की कोशिश की थी, जिसके बाद उसे एहतियातन हिरासत में लिया गया था। अधिकारी ने यह भी कहा कि नशे की उसकी जांच रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी।
कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक अमन अरोड़ा ने कहा कि घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने पुलिस से पूछताछ की, जिसने मोहनजीत के आरोपों को खारिज कर दिया है।
कई विपक्षी नेताओं ने हालांकि शुक्रवार को संगरूर के एक स्थानीय अस्पताल में मोहनजीत सिंह से मुलाकात की और इस मामले को लेकर आप सरकार की आलोचना की।
कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने मुख्यमंत्री मान पर निशाना साधते हुए उनकी तुलना आक्रमणकारी और अफगान शासक अहमद शाह अब्दाली से की और कहा कि ‘‘वह हमेशा सत्ता में बने रहना चाहते हैं।’’
कांग्रेस नेता ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखकर युवक की कथित यातना की जांच की मांग भी की।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पंजाब इकाई के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने भी कथित पुलिस यातना की निंदा की।
ढिल्लों ने बताया कि उन्होंने वीडियो कॉल के माध्यम से मोहनजीत सिंह से बातचीत की और उसे न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास का आश्वासन दिया।
भाजपा नेता ने कहा कि उन्होंने इस मामले को लेकर संगरूर के एसएसपी और पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से भी बात की है तथा निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ढिल्लों ने कहा कि यह घटना पंजाब सरकार के ‘नशे के खिलाफ युद्ध’ अभियान के दावों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
भाजपा के राज्यसभा सदस्य तरुण चुग ने शुक्रवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखकर इस मामले का स्वत: संज्ञान लेने का आग्रह किया।
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने तत्काल आपराधिक मामला दर्ज करने और उन सभी पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग की, जिन्होंने सिख युवक को कथित तौर पर प्रताड़ित किया और ‘‘धार्मिक उत्पीड़न’’ किया।
मोहनजीत से सिविल अस्पताल में मुलाकात करने वाले बादल ने कहा कि यह जानकर वह स्तब्ध हैं कि युवक को कथित रूप से बिजली के झटके दिए गए, जांघों पर ब्लेड से काटा गया, घावों पर नमक रगड़ा गया और चप्पलों से पीटा गया।
पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और पूर्व मंत्री विजयिंदर सिंगला ने भी संगरूर में मोहनजीत सिंह से मुलाकात की।
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