आइजोल, चार सितंबर (भाषा) मिजोरम की मुख्य निर्वाचन अधिकारी गरिमा गुप्ता ने शुक्रवार को चम्फाई शहर में 'डिलीट चर्च' समुदाय के सदस्यों से मुलाकात की। इन लोगों ने धार्मिक मान्यताओं का हवाला देते हुए अपना नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं कराने का फैसला किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, गुप्ता ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के तहत जोटलांग क्षेत्र में समुदाय के सदस्यों से मुलाकात की और यह जानने की कोशिश की कि उन्होंने चुनावी प्रक्रिया से अलग रहने का निर्णय क्यों लिया।
सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान समुदाय के सदस्यों ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को बताया कि वे मतदाता सूची में अपना नाम शामिल नहीं कराना चाहते, क्योंकि उनका मानना है कि यह प्रक्रिया उनकी धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने बताया कि एसआईआर के दौरान कुल 309 ऐसे मतदाताओं ने धार्मिक आधार पर नामांकन कराने से इनकार कर दिया, जिनके नाम पिछली मतदाता सूचियों में शामिल थे। इनमें 'डिलीट चर्च' समुदाय के सदस्य भी शामिल हैं।
ईसाई बहुल मिजोरम की मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी एथेल रोथांगपुई और चम्फाई जिले के निर्वाचन अधिकारी भी मौजूद थे।
भारत निर्वाचन आयोग मतदाता सूची के पुनरीक्षण के उद्देश्य से एसआईआर करा रहा है, ताकि अपात्र नाम हटाए जा सकें और सभी पात्र भारतीय नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल किया जा सके।
यह प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है और अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन सात सितंबर को किया जाना है।
इस बीच, राज्य के सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) ने शुक्रवार को एसआईआर के क्रियान्वयन और अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तैयारियों की समीक्षा के लिए बैठकें कीं। इन बैठकों में अधिकारियों के अलावा राजनीतिक दलों और प्रमुख नागरिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
चार जुलाई को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची के अनुसार, राज्य के सभी 11 जिलों में कुल 8,28,906 मतदाता थे, जिनमें 4,29,881 महिला मतदाता शामिल थीं।
निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि कुल 46,163 गणना प्रपत्र (5.28 प्रतिशत) अब भी एकत्र नहीं किए जा सके हैं।
उन्होंने बताया कि इनमें से 21,295 मतदाताओं (2.43 प्रतिशत) के बारे में पता चला कि उनकी मृत्यु हो चुकी है, 13,978 मतदाता (1.60 प्रतिशत) संभवतः अन्य राज्यों या देशों में स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए हैं, 8,333 मतदाता (0.95 प्रतिशत) बार-बार प्रयास के बावजूद नहीं मिल सके और 2,248 मतदाता (0.26 प्रतिशत) पहले ही किसी अन्य स्थान की मतदाता सूची में दर्ज हैं।
भाषा रवि कांत सुरेश
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