रायपुर, चार सितंबर (भाषा) छत्तीसगढ़ में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने शुक्रवार को चीनी की ‘बढ़ती’ कीमतों के खिलाफ राज्यभर में 'चीनी सत्याग्रह' विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य में भाजपा सरकारें महंगाई को नियंत्रित करने में विफल रही हैं।
यह विरोध प्रदर्शन राज्य भर के सभी जिला मुख्यालयों पर किया गया।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी में संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने बताया कि रायपुर में पार्टी की जिला इकाई ने राजीव चौक पर प्रदर्शन किया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि केंद्र की 'जन-विरोधी नीतियों' और भारी कर के कारण कीमतें बढ़ी हैं, जिससे घरों का बजट बिगड़ गया है और मध्यम वर्ग के लिए जीवन मुश्किल हो गया है।
एक बयान में बैज ने कहा कि कांग्रेस 'चीनी सत्याग्रह' के जरिए चीनी की बढ़ती कीमतों के खिलाफ लोगों की आवाज़ उठा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन की दुकानों पर चीनी उपलब्ध नहीं है, जिससे गरीब लोगों को इसे खुले बाजार से अधिक कीमत पर खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
उन्होंने दावा किया, 'आज राशन की दुकानों से चीनी गायब हो गई है और गरीबों को इसे बाजार से महंगी दरों पर खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बस्तर और सरगुजा में महीनों से चना और गुड़ भी उपलब्ध नहीं हैं।'
बैज ने आरोप लगाया कि पीडीएस दुकानों पर चीनी की अनुपलब्धता भाजपा सरकार की प्रशासनिक विफलता को उजागर करती है और उन्होंने सरकार पर जमाखोरों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने सभी पीडीएस दुकानों पर चीनी की आपूर्ति तुरंत बहाल करने की मांग की और चेतावनी दी कि अगर यह मुद्दा हल नहीं हुआ तो वे सड़कों से लेकर विधानसभा तक 'तेज आंदोलन' शुरू करेंगे।
बैज ने आगे दावा किया कि त्योहारों और रोजमर्रा की ज़रूरत के लिए गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को 60-70 रुपये प्रति किलो की दर से चीनी खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उनके घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने राशन की दुकानों पर चीनी, नमक, चावल, चना और गुड़ की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की थी।
बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने गरीबों को उनके हक से वंचित कर दिया है।
भाषा संजीव संतोष
संतोष