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ब्रिक्स प्रधान न्यायाधीश मंच की बैठक: सीजेआई सूर्यकांत का द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर

नयी दिल्ली, चार सितंबर (भाषा) प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने शुक्रवार को ब्रिक्स प्रधान न्यायाधीश मंच की बैठक में आपसी सहयोग को बेहतर बनाने और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित किया।

ब्रिक्स प्रधान न्यायाधीश मंच की बैठक को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने वाणिज्यिक विवादों को सुलझाने के लिए मध्यस्थता एवं सुलह के लिए एक साझा मंच बनाने का प्रस्ताव भी रखा।

उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को यहां ब्रिक्स प्रधान न्यायाधीश मंच की बैठक का आयोजन किया। इसमें ब्रिक्स के सदस्य देशों और सहयोगी देशों के प्रधान न्यायाधीश, शीर्ष अदालतों के प्रमुख और वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी शामिल हुए।

ब्रिक्स प्रधान न्यायाधीश मंच की बैठक के उद्घाटन के दिन प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने न्यायिक प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों के साथ कई द्विपक्षीय बैठकें कीं।

सीजेआई ने तीन दिवसीय सम्मेलन के पहले दिन रूस, चीन, मिस्र, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), बेलारूस, कजाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, ईरान और उज्बेकिस्तान के न्यायिक प्रमुखों से मुलाकात की।

देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए न्यायिक सहयोग के समझौता ज्ञापनों (एमओयू), व्यापार और कॉर्पोरेट विवादों को सुलझाने में मध्यस्थता और सुलह के महत्व, और देशों के बीच व्यावसायिक गतिविधियों के लिए एक अच्छा माहौल बनाने जैसे मुद्दों पर द्विपक्षीय बातचीत हुई।

विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ाने के लिए वाणिज्यिक मामलों को सुलझाने के लिए सक्षम अदालत की जरूरत, न्यायिक फैसलों और आदेशों को आपसी तौर पर मान्यता देने की संभावनाओं और पेशेवरों के आदान-प्रदान के कार्यक्रम के लिए भोपाल स्थित राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी जैसे सरकारी संस्थानों के प्रभावी उपयोग पर भी चर्चा हुई।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने आपसी सहयोग और संबंधों को बेहतर बनाने में न्यायपालिका की भूमिका के महत्व को रेखांकित करने के साथ-साथ, वाणिज्यिक विवादों को सुलझाने के लिए मध्यस्थता और सुलह के लिए एक साझा मंच बनाने का प्रस्ताव भी रखा।

उन्होंने न्यायिक प्रतिनिधिमंडलों के साथ कई मुद्दों पर चर्चा की। इनमें अलग-अलग देशों की बेहतरीन कानूनी प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान, मौजूदा मुद्दों से जुड़े कानूनों पर द्विपक्षीय सम्मेलनों की जरूरत, न्यायपालिका की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी विशेष तौर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का इस्तेमाल और तेजी से न्यायिक प्रक्रियाएं पूरी करके लोगों के बीच आपसी संबंध मजबूत करना शामिल था।

उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, द्विपक्षीय बैठकें आपसी न्यायिक हितों के मामलों पर सीधी बातचीत और विचारों के आदान-प्रदान का एक अवसर था और इनसे हिस्सा लेने वाली न्यायपालिकाओं के बीच आपसी सहयोग और मजबूत होगा।

बयान के अनुसार, प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात करने वाले न्यायिक प्रमुखों में रूसी संघ के उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश इगोर क्रासनोव, चीन के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम पीपल्स कोर्ट के अध्यक्ष झांग जून, मिस्र की शीर्ष संवैधानिक अदालत के मुख्य न्यायाधीश बाउलोस गाहमी इस्कंदर बाउलोस और इंडोनेशिया के उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुनार्तो शामिल हैं।

प्रधान न्यायाधीश से मुलाकात करने वाले अन्य शीर्ष न्यायिक अधिकारियों में यूएई की संघीय उच्चतम न्यायालय के अध्यक्ष मोहम्मद हमद अल बादी अल धहेरी, बेलारूस के उच्चतम न्यायालय के अध्यक्ष आंद्रे श्वेद, कजाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय के प्रमुख असलमबेक मर्गालयेव, दक्षिण अफ्रीका के अपीलीय उच्चतम न्यायालय की अध्यक्ष महूबे बेट्टी मोलेमेला, ईरान के प्रधान न्यायाधीश अयातुल्ला ग़ुलाम हुसैन मोहसेनी-एजेई और उज़्बेकिस्तान के उच्चतम न्यायालय की उपाध्यक्ष मलिकखोन कलंदरोवा शामिल हैं।

सीजेआई ने सदस्य देशों और सहयोगी देशों के सभी प्रतिनिधियों से मुलाकात की और सदस्य तथा सहयोगी देशों के प्रतिनिधियों के साथ कई अन्य द्विपक्षीय बैठकें भी कीं।

भाषा धीरज दिलीप

दिलीप