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जरांगे ने भूख हड़ताल खत्म करने से इनकार किया, मांगे पूरी न होने पर मुंबई जाने की चेतावनी

जालना (महाराष्ट्र), चार सितंबर (भाषा) मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त करने से इनकार कर दिया है। इसी के साथ उन्होंने 11 सितंबर तक उनकी मांगें पूरी न होने पर आंदोलन मुंबई तक ले जाने की चेतावनी दी है।

जरांगे ने महाराष्ट्र के मंत्रियों और विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकलने के बाद समुदाय के सदस्यों से कुनबी जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन शुरू करने का भी आग्रह किया।

जरांगे मराठों के लिए आरक्षण की मांग को लेकर पिछले एक हफ्ते से जिले के अंतरवाली सराटी गांव में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।

महाराष्ट्र सरकार के मंत्रियों राधाकृष्ण विखे पाटिल और उदय सामंत, विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) प्रसाद लाड और विधानसभा सदस्क मकरंद पाटिल के एक सरकारी प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को जरांगे से मुलाकात की।

पाटिल ने जरांगे के बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुए उनसे अनशन समाप्त करने या इसे स्थगित करने की अपील की और कहा कि सरकार मराठा समुदाय के मुद्दों को हल करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने लगभग 58 लाख कुनबी रिकॉर्ड का पता लगाया है और वह कुनबी प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाएगी।

उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया की निगरानी करने और आवेदकों को आने वाली कठिनाइयों को दूर करने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे।

हालांकि, जरांगे अपने रुख पर कायम रहे।

कुनबी एक कृषि समुदाय है, जो अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी में आता है और उसे सरकारी नौकरियों तथा शिक्षा में आरक्षण का लाभ मिलता है। जरांगे पात्र मराठों के लिए कुनबी प्रमाणपत्र की मांग कर रहे हैं, ताकि उन्हें ओबीसी कोटे के तहत आरक्षण मिल सके।

भाषा प्रचेता वैभव

वैभव