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आंध्र प्रदेश में मलेरिया रोधी दवा लेने के बाद बच्ची की मौत, जांच जारी

नयी दिल्ली, दो सितंबर (भाषा) आंध्र प्रदेश के पोलावरम जिले के गोल्लागुप्पा गांव में मलेरिया रोधी दवा जिन 71 लोगों को दी गई थी, उनमें से सात वर्षीय एक बच्ची की मौत हो जाने के बाद राज्य के स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी गांव की स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं।

विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, मलेरिया की रोकथाम और निगरानी के तहत स्वास्थ्य टीमों ने एक सितंबर को गोल्लागुप्पा में बुखार की जांच, त्वरित जांच (आरडीटी), चिकित्सा शिविर और स्कूलों में भी जांच की। इस दौरान 74 लोगों की जांच की गई। इनमें से जिन तीन लोगों को बुखार था उन्हें मलेरिया के उपचार की दवा दी गई।

उन्होंने बताया कि जांच के बाद 71 लोगों को भोजन के बाद 300 मिलीग्राम क्लोरोक्वीन की खुराक दी गई। यह दवा मलेरिया से बचाव के लिए दी गई थी। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को यह दवा नहीं दी गई।

अधिकारियों ने बताया कि दवा देने के बाद स्वास्थ्य टीमें गांव में ही रहीं और लोगों की निगरानी करती रहीं।

स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि क्लोरोक्वीन दिए जाने के करीब ढाई घंटे बाद सात वर्षीय बच्ची की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे लक्ष्मीपुरम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ले जाया गया। वहां जरूरी उपचार के बाद बच्ची को भद्राचलम के क्षेत्रीय अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

अधिकारियों ने कहा कि इसकी पुष्टि नहीं हुई है कि बच्ची की मौत का कारण क्लोरोक्वीन है। मौत की सही वजह का पता लगाने के लिए चिकित्सकीय, प्रयोगशाला और विशेषज्ञों की मदद से विस्तृत जांच की जा रही है।

उन्होंने बताया कि दवा की प्रतिकूल प्रतिक्रिया और पहले से मौजूद किसी बीमारी समेत कई संभावित कारणों की जांच की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग ने गांव में व्यापक चिकित्सकीय निगरानी के लिए विशेषज्ञ टीमों को तैनात किया है। बाल रोग विशेषज्ञों समेत विशेषज्ञ चिकित्सक दवा लेने वाले लोगों की जांच कर रहे हैं। इस दौरान ऐसी किसी अंतर्निहित या शुरुआती बीमारी का पता लगाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसके लिए जांच की जरूरत हो सकती है।

क्लोरोक्वीन दवा लेने वाले सभी लोगों की निगरानी की जा रही है और जरूरत के अनुसार उन्हें चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। ताजा आकलन के अनुसार, उपचार करा रहे लोगों की स्थिति स्थिर है या वे चिकित्सकीय निगरानी में हैं।

भाषा प्रचेता नरेश

नरेश