Breaking News

'हम किसी के विरुद्ध नहीं, सबके साथ हैं': PM मोदी     |   आनंद कुमार के बेटों पर मायावती का बड़ा फैसला, BSP में नहीं मिलेगी जगह     |   BRICS समिट 2026: शी जिनपिंग ने ग्रुप से ग्लोबल शांति में अहम भूमिका निभाने को कहा     |   BRICS समिट में नई दिल्ली घोषणा पत्र को मंजूरी, PM मोदी बोले- सर्वसम्मति से अपनाया गया     |   PM मोदी के सार्वजनिक जीवन और शासन के 25 वर्ष पूरे होने पर बीजेपी विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगी     |  

महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तीकरण को मज़बूत संस्थाओं के जरिये बढ़ावा दिया जाए: ओडिशा की उप मुख्यमंत्री

भुवनेश्वर, एक सितंबर (भाषा) ओडिशा की उप मुख्यमंत्री प्रभाती परिडा ने मंगलवार को कहा कि मजबूत संस्थानों, प्रभावी क्रियान्वयन और सामूहिक जिम्मेदारी के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण के लक्ष्यों को साथ-साथ हासिल किया जाना चाहिए।

परिडा ने यहां शक्ति शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “महिलाओं की सुरक्षा और महिला सशक्तीकरण को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता। इन्हें मजबूत संस्थानों, प्रभावी क्रियान्वयन और सामूहिक जिम्मेदारी के माध्यम से साथ लेकर आगे बढ़ना होगा।”

परिडा ने तीन दिवसीय शक्ति शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया, जिसमें 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

उन्होंने कहा कि शक्ति शिखर सम्मेलन राज्यों और केंद्र को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने, आपसी समन्वय को मजबूत करने और यह सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध कराता है कि हर महिला सुरक्षित, सम्मानजनक और अवसरों से भरा जीवन जी सके।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने शिखर सम्मेलन के उद्देश्य और दृष्टिकोण को रेखांकित किया। उन्होंने देशभर में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर सामूहिक प्रयासों और मजबूत संस्थागत तंत्र की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, “किसी नीति की सफलता उसके बनाए जाने में नहीं, बल्कि उस नीति के माध्यम से लोगों के जीवन में बदलाव लाने में होती है। इसलिए केंद्र की नीतियों, राज्य की प्राथमिकताओं, जिले की व्यवस्था और समाज की भागीदारी—इन सभी को एक सूत्र में पिरोना होगा।”

राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से ओडिशा सरकार के सहयोग से आयोजित इस शिखर सम्मेलन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक साथ लाया गया है, ताकि वे प्रभावी तौर-तरीकों को साझा कर सकें, योजनाओं के क्रियान्वयन में मौजूद कमियों की पहचान कर सकें और महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण तथा सशक्तीकरण के लिए संस्थागत तंत्र को मजबूत बनाने की व्यावहारिक रणनीतियों पर विचार कर सकें।

भाषा प्रशांत जोहेब

जोहेब