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अमेरिका की नयी मिसाइल ने धमाके वाली जगह से काफी दूर ईरानी नागरिकों की जान ली : विशेषज्ञ रिपोर्ट

यरुशलम, 31 अगस्त (एपी) निर्माता इसे भविष्य की बैलिस्टिक मिसाइल के रूप में पेश कर रहे हैं, जो घातक, लंबी दूरी तक मार करने वाली और बेहद सटीक है। लॉकहीड मार्टिन की इस ‘सटीक मारक क्षमता वाली मिसाइल’ (पीएसएम) के लिए अमेरिकी सेना अपने हथियार भंडार को आधुनिक बनाने पर अरबों डॉलर का निवेश कर रही है।

ईरान युद्ध के पहले दिन युद्ध में इसके कथित तौर पर पहली बार इस्तेमाल की बारीकी से की गई समीक्षा से इस हथियार को आबादी वाले इलाकों के पास तैनात करने के संभावित खतरे सामने आए हैं। संघर्ष निगरानी संस्था ‘एयरवॉर्स’ की समीक्षा और हथियार विशेषज्ञों तथा पूर्व रक्षा अधिकारियों के साक्षात्कार के अनुसार, ऐसा प्रतीत होता है कि इस मिसाइल के छर्रे बड़े क्षेत्र में फैलते हैं।

एयरवार्स की जांच में पता चला है कि 28 फरवरी को दक्षिणी शहर लामर्ड पर गिरी तीन मिसाइलों ने धमाके की जगह से 50 मीटर (164 फुट) दूर तक मौजूद आम नागरिकों की जान ले ली और उससे तीन गुना ज्यादा दूरी तक नुकसान पहुंचाया।

एयरवार्स के मुताबिक, मिसाइल एक खेल परिसर और रिहायशी इलाकों के ऊपर फटीं। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इन धमाकों में कम से कम 21 आम नागरिकों की मौत हुई, जिनमें सात बच्चे भी शामिल थे।

पीएसएम को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह हवा में ही फट जाए और भारी धातु के हजारों छर्रों को तेजी से हर दिशा में फैला दे। ‘एयरवार्स’ के विश्लेषण और ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ की पुष्टि के बाद सामने आई लामर्ड हमलों के बाद की तस्वीरों, वीडियो और उपग्रह तस्वीरों से पता चलता है कि इमारतों, सड़कों और गाड़ियों पर धमाके के निशान बने थे; विशेषज्ञों का कहना है कि यह पैटर्न पीएसएम की क्षमताओं के अनुरूप है।

अमेरिकी सेना ने ईरान पर पीएसएम दागने की पुष्टि की है, लेकिन लामर्ड पर हमले से इनकार किया है।

यह साफ नहीं है कि लामर्ड में किसे या किस चीज को निशाना बनाया गया था। पास ही इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर का एक परिसर है, लेकिन उपग्रह की तस्वीरों में वहां कोई नुकसान नहीं दिखा।

हथियारों के छह जानकारों ने (जिनमें सेना के दो पूर्व अधिकारी भी शामिल हैं) ‘एपी’ को बताया कि उन्हें लगता है कि पीएसएम ने लामर्ड पर हमला किया था — और इस बात की संभावना कम है कि इसमें इजराइली या ईरानी हथियारों का इस्तेमाल किया गया हो। सभी का कहना था कि सेनाओं को रिहायशी इलाकों के पास मौजूद ठिकानों पर पीएसएम दागने से बचना चाहिए।

लंदन में स्थित एक गैरलाभकारी संस्था, ‘एयरवार्स’ की स्थापना एक दशक से भी ज्यादा समय पहले सीरिया और इराक में अमेरिकी हवाई हमलों से आम नागरिकों की मौत की रिपोर्ट पर नजर रखने के लिए की गई थी; इसने गाजा, यूक्रेन और दूसरी जगहों पर जारी संघर्षों पर भी नजर रखी है।

यह संस्था सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी, जैसे कि फोटो, वीडियो, उपग्रह की तस्वीरों, सोशल मीडिया और खबरों पर निर्भर करती है और इन सबूतों का विश्लेषण करने के लिए जियोलोकेशन सॉफ्टवेयर और दूसरे साधनों का इस्तेमाल करती है।

एपी प्रशांत माधव

माधव