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पंजाब सरकार के कर्मचारियों ने नोटिस वापस लेने की मांग की, आठ सितंबर को सामूहिक अवकाश की योजना

लुधियाना, 30 अगस्त (भाषा) ‘पंजाब साझा मुलाजिम मंच कमेटी’ के बैनर तले विरोध-प्रदर्शन कर रहे राज्य सरकार के कर्मचारियों ने रविवार को फैसला किया कि अगर हाल ही में हुई राज्यव्यापी हड़ताल को लेकर उन्हें जारी किए गए नोटिस वापस नहीं लिये गए, तो वे आने वाले हफ्तों में अपना आंदोलन और तेज करेंगे तथा आठ सितंबर को सामूहिक अवकाश पर रहेंगे।

यह फैसला लुधियाना में प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठनों की बैठक के बाद लिया गया है। तीन घंटे की चर्चा के बाद यह तय किया गया कि अगर प्रदर्शनकारी कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे 21-22 अक्टूबर को फिर से दो दिन के सामूहिक आकस्मिक अवकाश पर चले जाएंगे।

बैठक में प्रदर्शनकारी कर्मचारियों की मांगें मनवाने के लिए कई उपाय भी तय किए गए, जिनमें आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के मंत्रियों और विधायकों के घरों का घेराव करना और लोगों का समर्थन जुटाने के लिए पूरे राज्य में कर्मचारियों की मानव-शृंखला बनाना शामिल है।

समिति ने पंजाब की ‘आप’ सरकार को राज्यव्यापी हड़ताल के दिन सरकारी कर्मचारियों को “बिना इजाजत” गैर-मौजूदगी के लिए जारी ‘कारण बताओ नोटिस’ वापस लेने के वास्ते सात सितंबर तक का समय दिया है।

इससे पहले, राज्य के कार्मिक विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को भेजे एक पत्र में कहा था कि जो कर्मचारी “बिना अनुमति के अनुपस्थित” थे, उन्हें नोटिस जारी किए जाएं और नियमों के अनुसार उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

तीन लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर पंजाब सरकार पर दबाव बनाने के लिए 27 अगस्त को सामूहिक आकस्मिक अवकाश लेकर राज्यव्यापी हड़ताल की। उनकी प्रमुख मांगों में लंबित महंगाई भत्ते का भुगतान किया जाना शामिल है। इस हड़ताल के कारण पूरे राज्य में सार्वजनिक सेवाएं प्रभावित हुई थीं।

भाषा पारुल सुरेश

सुरेश