Breaking News

ब्रिक्स समिट के दूसरे दिन की शुरुआत, भारत मंडपम पहुंच रहे लीडर     |   सिक्किम के रिम्बी में भारी भूस्खलन, खतरे की जद में आए दो मकान     |   इंडोनेशिया में 240 लोगों को लेकर निकला जहाज समंदर में लापता     |   आंध्र प्रदेश में ट्रक और ऑटो की जोरदार टक्कर, हादसे में 3 लोगों की दर्दनाक मौत     |   कुलगाम में आतंकी नेटवर्क पर CIK का शिकंजा, कई इलाकों में तलाशी अभियान जारी     |  

राज्य के विभाग नाम बदलने पर अनावश्यक खर्च से बचें: केरलम सरकार

तिरुवनंतपुरम, 30 अगस्त (भाषा) केरलम सरकार ने राज्य का नाम ‘केरल’ से बदलकर ‘केरलम’ किए जाने की प्रक्रिया के दौरान विभागों और सार्वजनिक संस्थानों को फिजूलखर्ची से बचने का निर्देश दिया है।

मुख्य सचिव विश्वनाथ सिन्हा ने एक परिपत्र जारी कर सरकारी विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, बोर्डों, निगमों, स्थानीय स्वशासन संस्थाओं और सरकार के नियंत्रण वाले अन्य संगठनों को निर्देश दिया है कि वे मौजूदा सामग्री को बेवजह नष्ट किए बिना नाम परिवर्तन लागू करें।

परिपत्र में कहा गया है कि ‘केरल’ नाम वाले मौजूदा लेटरहेड, लिफाफे, प्रपत्र, रजिस्टर, फाइलें, प्रकाशन और अन्य मुद्रित सामग्री का इस्तेमाल मौजूदा भंडार खत्म होने तक किया जाए। जहां जरूरी हो, वहां स्याही से सुधार किया जा सकता है।

इसमें स्पष्ट किया गया है कि केवल राज्य का नाम बदलने के कारण इन सामग्रियों को फेंका नहीं जाए और न ही नई सामग्री छपवाई जाए।

सरकार ने यह भी कहा कि मौजूदा आधिकारिक मुहरों, रबर स्टांप और इसी तरह की अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल सामान्य प्रक्रिया के तहत बदलने की जरूरत पड़ने तक जारी रखा जा सकता है।

मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि मौजूदा संकेत सूचक बोर्ड, कार्यालयों के नाम पट्ट, मील के पत्थर, दिशा सूचक बोर्ड और अन्य स्थायी या अर्ध-स्थायी बोर्डों को केवल राज्य का नाम बदलने के कारण बदलने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा कि जहां तकनीकी रूप से संभव हो, वहां मौजूदा अंग्रेजी और मलयालम संकेतसूचक बोर्ड पर लिखे ‘केरल’ शब्द में संबंधित भाषाओं के जरूरी अक्षर जोड़कर बदलाव किया जा सकता है।

भाषा संतोष नरेश

नरेश