पटना, 23 जून (भाषा) बिहार के भोजपुर जिले में भरत भूषण तिवारी मुठभेड़ मामले में में पुलिस के कई अधिकारियों के खिलाफ मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज की गई। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौती गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की पिछले सप्ताह बुधवार को पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी।
भोजपुर पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, मृतक की मां द्वारा दी गयी शिकायत के आधार पर शाहपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।
बयान में बताया गया कि प्राथमिकी तत्कालीन जगदीशपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), तत्कालीन शाहपुर थाना प्रभारी (एसएचओ) और घटना में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज की गई।
तिवारी की मौत के बाद राज्य में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था और पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए थे।
बिहार सरकार ने शनिवार को इस मामले की न्यायिक जांच कराने का आदेश दिया था।
पुलिस के शुरुआती बयान में 16 जून को तिवारी को कथित तौर पर ‘‘मानसिक रूप से अस्वस्थ’’ बताया गया था।
भरत के परिजनों और अन्य लोगों ने हालांकि उन्हें जनसरोकार से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में बताया, जो स्थानीय मुद्दों को प्रशासन के सामने उठाते रहे थे। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक कथित वीडियो में मुठभेड़ से पहले तिवारी को अपना हथियार फेंकते हुए देखा जा सकता है।
‘पीटीआई-भाषा’ हालांकि इस वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है।
पुलिस अधिकारियों ने मुठभेड़ के बाद बताया था कि भरत तिवारी लगातार पुलिस पर गोलीबारी कर रहे थे, जिसके जवाब में पुलिस ने ‘‘आत्मरक्षा’’ में कार्रवाई की और उसके (भरत के) पैर में गोली लगी थी।
भाषा कैलाश जितेंद्र
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