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नीदरलैंड की रानी मैक्सिमा ने मुंबई में स्वास्थ्य कर्मियों से मुलाकात कीं

(तस्वीरों के साथ)

मुंबई, 23 जून (भाषा) भारत की यात्रा पर आईं नीदरलैंड्स की रानी मैक्सिमा ने मंगलवार को यहां स्वास्थ्य पेशेवरों से मुलाकात की।

इस मुलाकात का उद्देश्य वेतनभोगी कर्मियों के वित्तीय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भारत की यूपीआई पारिस्थितिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और वेतन से जुड़ी वित्तीय अवसरंचना की भूमिका को समझना था।

वित्तीय स्वास्थ्य के लिए संयुक्त राष्ट्र के महासचिव की विशेष सेक्रेटरी-जनरल की विशेष सलाहकार (यूएनएसजीएसए) रानी मैक्सिमा ने कोलाबा के एचसीजी कैंसर अस्पताल का दौरा किया। वहां उन्होंने ‘सैलरीसे’ के वरिष्ठ पदाधिकारियों और स्वास्थ्य पेशेवरों से बातचीत की, ताकि वे स्वास्थ्य के मोर्चे पर अग्रिम कार्यकर्ता के तौर पर काम कर रहे पेशेवरों के सामने आने वाली वित्तीय वास्तविकताओं और चुनौतियों को समझ सकें।

यहां जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक वित्तीय स्वास्थ्य और समावेश (2009-2024) के लिए दुनिया की प्रमुख पैरोकारों में से एक रानी मैक्सिमा भारत की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के दौरान सरकारी प्रतिनिधियों, नियामकों और उद्योग के हितधारकों से मिल रही हैं, ताकि वे वित्तीय मजबूती और जिम्मेदार नवोन्मेष पर अपने विचार साझा कर सकें।

रानी मैक्सिमा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं लंबे समय से भारत के साथ वित्तीय समावेशन पर काफी काम कर रही हूं... आपने (भारत ने) यूपीए, खातों को एक मंच से जोड़ने और आधार जैसे डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के मामले में बहुत बेहतर काम किया है। अब सवाल यह है कि आप इसका इस्तेमाल सभी लोगों की ज़िंदगी बेहतर बनाने के लिए कैसे करते हैं।’’

उन्होंने कहा कि वित्तीय सेवाओं तक पहुंच बहुत जरूरी है और प्रौद्योगिकी कंपनियां लोगों को उनके खर्च करने के तरीकों के बारे में बेहतर जानकारी देकर, अचानक होने वाले खर्चों को संभालने, ज़्यादा पैसे बचाने और बजटिंग को बेहतर बनाने में मदद कर रही हैं।

भाषा धीरज मनीषा

मनीषा