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मुख्यमंत्री विजय ने विस के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए राष्ट्रगान विवाद पर विपक्ष के रुख को चुनौती दी

चेन्नई, 23 जून (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा रिकॉर्ड का हवाला देते हुए मंगलवार को सरकारी कार्यक्रमों में राज्य गीत से पहले राष्ट्रगान बजाने के मुद्दे पर विपक्षी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के रुख को चुनौती दी।

विधानसभा के रिकॉर्ड से पता चलता है कि सरकारी कार्यक्रमों में ‘तमिल थाई वजथु’ (राज्य गीत) से पहले राष्ट्रगान को प्राथमिकता दी जाती थी।

मई में मुख्यमंत्री पद की शपथ के दौरान राष्ट्रगान बजाए जाने और 18 जून को विधानसभा में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के अभिभाषण की शुरुआत और समापन पर दो बार राष्ट्रगान बजाए जाने के मामले में द्रमुक के दोहरे रवैये की आलोचना करते हुए विजय ने विपक्षी दल पर “दोहरे मापदंड” अपनाने का आरोप लगाया। द्रमुक ने कहा था कि इस क्रम में ‘तमिल थाई वजथु’ को पहला स्थान नहीं दिया गया था।

खास तौर पर दो अगस्त, 2021 को तमिलनाडु विधानसभा के शताब्दी समारोह के दौरान हुई एक घटना का जिक्र करते हुए, जब तत्कालीन राष्ट्रपति ने दिवंगत मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि की तस्वीर का अनावरण किया था, मुख्यमंत्री ने कहा कि उस कार्यक्रम में आधिकारिक प्रोटोकॉल के तहत पहले राष्ट्रगान और उसके बाद ‘तमिल थाई वजथु’ बजाया गया था।

उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि विपक्षी दल द्रमुक की इस मामल में मौजूदा आलोचना “पाखंडपूर्ण” है, क्योंकि राष्ट्रगान को दो बार बजाने या राज्य-गीत को दूसरे स्थान पर रखने की प्रथा उनके अपने शासनकाल के दौरान ही शुरू हुई थी।

विजय ने सदन में इसे सबूत के तौर पर दिखाते हुए कहा, “इसे विधानसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है।” इसके साथ ही उन्होंने ‘तमिल थाई वजथु’ विवाद को खत्म कर दिया।

विजय द्वारा बताए गए उस कार्यक्रम में, समारोह के आखिर में राष्ट्रगान दूसरी बार बजाया गया था।

भाषा प्रशांत सुरेश

सुरेश