देहरादून, 22 जून (भाषा) कांग्रेस ने उत्तराखंड सरकार पर भूमि घोटालों और जनविरोधी नीतियों का आरोप लगाते हुए सोमवार को राज्य सचिवालय की ओर मार्च किया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में नेता और कार्यकर्ता पार्टी के राज्य मुख्यालय में इकटठा हुए और नारेबाजी करते हुए सचिवालय की ओर बढ़ने लगे।
इस दौरान कार्यकर्ताओं के हाथों में 'धामी हटाओ, उत्तराखंड की जमीनें बचाओ' लिखे बैनर थे।
हालांकि, पुलिस ने सचिवालय से पहले ही अवरोधक लगाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आगे बढने से रोक दिया, जिसके बाद वे वहीं धरने पर बैठ गए। इस दौरान कई कार्यकर्ताओं ने अवरोधकों को पार करने की कोशिश की जिसके बाद उनमें से कुछ को हिरासत में ले लिया गया। बाद में, उन्हें छोड़ दिया गया।
इस मौके पर, गोदियाल ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भाजपा के नेताओं ने जमीनों के जरिए भ्रष्टाचार करने के लिए तमाम जुगाड़ निकाले हैं जिसके तहत सरकारी जमीनों को माफियाओं को सौंपा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस कदर जमीनें बेची जा रही हैं कि भविष्य में कहीं पैर रखने तक की जगह नहीं मिलेगी।
हरिद्वार नगर निगम कथित भूमि खरीद घोटाले का जिक्र करते हुए गोदियाल ने कहा कि मामले की जांच के बाद अधिकारियों पर हुई कार्रवाई से स्पष्ट हो गया है कि भूमि संबंधी मामलों में व्यापक स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले आचार संहिता लागू होने तक अपने मनपंसद लोगों को जमीनें सौंपने के लिए 100 ऐसे प्रस्ताव तैयार किए जाने की जानकारी भी उन्हें मिली है।
उन्होंने सरकार पर युवा विरोधी होने का भी आरोप लगाया और कहा कि बेरोजगार होने के कारण युवाओं की शादियां नहीं हो पा रही हैं और अपने बेरोजगार बच्चों को देखकर मां-बाप रो रहे हैं।
प्रदर्शन के बाद अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा गया।
प्रदर्शन में कई विधायक तथा कांग्रेस महिला मोर्चे की अध्यक्ष ज्योति रौतेला भी मौजूद रहीं।
भाषा दीप्ति जोहेब
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