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भरतपुर, धौलपुर और डीग जिलों के जाटों को ओबीसी में शामिल नहीं किया गया तो होगा आंदोलन: बेनीवाल

जयपुर, 22 जून (भाषा) राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने सोमवार को चेतावनी दी कि यदि क्षेत्र के जाटों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी में शामिल करने की उनकी लंबे समय से लंबित मांग पूरी नहीं की गई, तो समुदाय अपना आंदोलन तेज करेगा और दिल्ली कूच करेगा।

भरतपुर में आयोजित ‘हुंकार रैली’ को संबोधित करते हुए बेनीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार भरतपुर, धौलपुर और डीग जिलों के जाटों को केंद्र सरकार की नौकरियों में ओबीसी आरक्षण का लाभ देने की प्रक्रिया को जानबूझकर टाल रही है।

उन्होंने कहा कि समुदाय अब निर्णायक संघर्ष के लिए तैयार है।

बेनीवाल ने कहा, ‘‘यदि हमारी मांगों की अनदेखी की गई तो जाट दिल्ली की ओर कूच करेंगे और अपना आंदोलन और तेज करेंगे।’’

उन्होंने कहा कि न्याय मिलने तक यह आंदोलन जारी रहेगा।

रैली में भाजपा विधायक शैलेश सिंह (कुम्हेर-डीग) और जगत सिंह (नदबई) भी मौजूद रहे। दोनों ने आरक्षण की मांग का समर्थन किया।

रैली से पहले समुदाय के प्रतिनिधियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान चलाया। उन्होंने पीले चावल बांटकर लोगों को प्रतीकात्मक निमंत्रण दिया और जाट बहुल गांवों से लोगों को रैली में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।

इस वर्ष 24 जनवरी को लोकसभा चुनावों से पहले समुदाय ने “आरक्षण नहीं तो वोट नहीं” के नारे के साथ आंदोलन शुरू किया था, जिसमें मांग पूरी नहीं होने पर राजनीतिक परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी। नेताओं ने संकेत दिया कि यह अभियान आगामी निकाय चुनावों तक भी जारी रह सकता है।

समुदाय के नेताओं ने बताया कि रैली में आंदोलन को और तेज करने पर चर्चा हुई, जिसमें रेल और सड़क मार्गों को अवरुद्ध करने की संभावना भी शामिल है।

भरतपुर, धौलपुर और डीग के जाट वर्ष 2014 से केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल किए जाने की मांग कर रहे हैं। वर्तमान में इन तीन जिलों को छोड़कर शेष राजस्थान के जाट केंद्र की ओबीसी सूची में आते हैं।

भाषा बाकोलिया धीरज

धीरज