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जॉन ब्रिटास ने मुल्लापेरियार बांध सुरक्षा समिति से केरल के विशेषज्ञ को हटाए जाने की आलोचना की

नयी दिल्ली, 22 जून (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सांसद जॉन ब्रिटास ने सोमवार को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल को पत्र लिखकर मुल्लापेरियार बांध की व्यापक सुरक्षा जांच के लिए गठित स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति से केरल के प्रतिनिधि टी. के. शिवराजन को ‘‘मनमाने ढंग से हटाए जाने' को लेकर विरोध दर्ज कराया।

ब्रिटास ने आरोप लगाया कि केंद्रीय जल आयोग के पूर्व मुख्य अभियंता शिवराजन को समिति से हटाने का निर्णय केरल सरकार से कोई परामर्श किए बिना लिया गया।

उन्होंने पत्र में कहा कि इस फैसले से राज्य के भीतर स्थित बांध की सुरक्षा की जांच के लिए गठित विशेषज्ञ समिति में केरल का एकमात्र प्रतिनिधित्व समाप्त हो गया है।

राज्यसभा सदस्य ब्रिटास ने कहा, ‘‘इस निर्णय से केरल में व्यापक चिंता पैदा हुई है, क्योंकि इससे राज्य की उस विशेषज्ञ समिति में एकमात्र भागीदारी समाप्त हो गई है, जिसे 100 वर्ष से अधिक पुराने मुल्लापेरियार बांध की सुरक्षा का आकलन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह बांध केरल में स्थित है और इसकी संरचनात्मक मजबूती का सीधा संबंध इसके निचले हिस्से में रहने वाले लाखों लोगों के जीवन, आजीविका और सुरक्षा से है।'

उन्होंने कहा कि मुल्लापेरियार का मुद्दा केवल अंतरराज्यीय जल बंटवारे का विवाद नहीं है, बल्कि सबसे बढ़कर यह जन सुरक्षा और मानव सुरक्षा का विषय है।

ब्रिटास ने कहा कि बांध की सुरक्षा का आकलन करने वाली किसी भी संस्थागत व्यवस्था पर सभी पक्षों का विश्वास होना चाहिए और ऐसी व्यवस्था से केरल को बाहर रखना या उसकी भूमिका कम करना निष्पक्षता, पारदर्शिता और सहकारी संघवाद के सिद्धांतों को कमजोर करेगा।

भाषा हक हक दिलीप

दिलीप