मुंबई, 22 जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बागी उम्मीदवार गोकुल गीते ने सोमवार को बड़ा उलटफेर करते हुए महाराष्ट्र विधान परिषद की नासिक जिला स्थानीय निकाय क्षेत्र की सीट पर जीत दर्ज की जहां उन्होंने सत्तारूढ़ शिवसेना के उम्मीदवार नरेंद्र दराडे को पराजित किया।
राज्य विधानमंडल के उच्च सदन की 11 सीट के लिए 18 जून को हुए चुनावों की मतगणना सोमवार को जारी है।
निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, गीते ने 357 वोट हासिल किए जबकि दराडे को 248 वोट मिले। इस तरह उन्होंने 109 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। उनकी यह जीत चौंकाने वाली मानी जा रही है, क्योंकि उम्मीद थी कि उन्हें सत्तारूढ़ दल के उम्मीदवार से कड़ी टक्कर मिलेगी।
दराडे एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना से हैं।
शिवसेना एमएलसी मनीषा कायंदे ने परिणाम पर संदेह जताते हुए कहा, ‘‘परिणाम को लेकर गंभीर संदेह है क्योंकि हमें आश्वासन दिया गया था कि हमारे उम्मीदवार का समर्थन किया जाएगा।’’
गणना केंद्र से यह स्पष्ट होने के बाद कि अधिकतर स्थानीय प्रतिनिधियों ने गीते के पक्ष में मतदान किया है, दराडे निराश होकर वहां से चले गए।
गणना केंद्र पर उस समय कुछ तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब गीते वहां पहुंचे और उन्होंने दराडे के भाई तथा नासिक शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के वर्तमान एमएलसी किशोर दराडे की उपस्थिति पर कड़ी आपत्ति जताई। इससे दोनों उम्मीदवारों और उनके समर्थकों के बीच तनाव बढ़ गया।
नासिक निर्वाचन क्षेत्र में तब से विवाद देखा जा रहा था जब गीते ने दराडे के खिलाफ अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि दराडे ने उनके खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया था।
द्विवार्षिक चुनाव मूल रूप से 17 सीटों के लिए अधिसूचित किए गए थे, जिनमें एक उपचुनाव भी शामिल था लेकिन केवल 11 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान की आवश्यकता पड़ी क्योंकि भाजपा, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और सुनेत्रा पवार की राकांपा से मिलकर बने महायुति गठबंधन के उम्मीदवार छह सीटों पर निर्विरोध निर्वाचित हो गए।
नांदेड़ में, भाजपा उम्मीदवार अमरनाथ राजुरकर ने स्थानीय निकाय क्षेत्र की अपनी सीट बरकरार रखी और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के उम्मीदवार कृष्णा पाटिल आष्टिकर को 255 मतों के अंतर से हराया।
राजुरकर, जिन्होंने लोकसभा चुनावों से पहले पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य अशोक चव्हाण के साथ कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने का फैसला किया था, ने इस क्षेत्र से लगातार तीसरी जीत हासिल की। उन्हें 339 वोट मिले, जबकि कृष्णा पाटिल आष्टिकर को 84 वोट प्राप्त हुए। वंचित बहुजन आघाडी के उम्मीदवार प्रशांत इंगोले को पांच वोट मिले।
कृष्णा पाटिल आष्टिकर, शिवसेना (उबाठा) सांसद नागेश पाटिल आष्टिकर के पुत्र हैं, जिनके जल्द ही एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। इससे पहले दिन में, शिवसेना (उबाठा) ने उन्हें ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ के आरोप में संगठन से निष्कासित कर दिया था।
भाजपा के अरुण लखानी (वर्धा-चंद्रपुर-गढ़चिरौली) और प्राजक्त तनपुरे (अहिल्यानगर), राकांपा उम्मीदवार विक्रम काकड़े (पुणे) और अनिकेत तटकरे (रायगढ़–रत्नागिरि–सिंधुदुर्ग), तथा शिवसेना के उम्मीदवार रवींद्र फाटक (ठाणे) और दुष्यंत चतुर्वेदी (यवतमाल) निर्विरोध निर्वाचित हुए।
तनपुरे ने नामांकन दाखिल करने से कुछ समय पहले ही भाजपा का दामन थामा था।
विपक्षी दल एमवीए ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ गठबंधन ने प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों को नाम वापस लेने के लिए धन और बाहुबल का इस्तेमाल किया।
भाषा शोभना मनीषा
मनीषा