Breaking News

राम मंदिर का पूरा धार्मिक कार्यभार अयोध्या के पांच संतों को सौंपा जाएगा     |   पटना, जयपुर और भोपाल समेत अलग-अलग शहरों में कांग्रेस के खिलाफ बीजेपी का प्रदर्शन     |   सरकार आश्वस्त करे तो मैं अनशन खत्म करूंगा: सोनम वांगचुक     |   NEET प्रोटेस्ट के बीच विजयवाड़ा में BJP और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प     |   काले कपड़ों में संसद पहुंच रहे कांग्रेस सांसद, पेपर लीक मुद्दे पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी     |  

कश्मीरी प्रवासी पंडितों ने जम्मू में ज्येष्ठ अष्टमी मनाई

जम्मू, 22 जून (भाषा) कश्मीरी पंडित समुदाय के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक त्योहारों में से एक 'ज्येष्ठ अष्टमी' को मनाने के लिए सोमवार को जम्मू के जानीपुर इलाके में स्थित खीर भवानी पीठ में हजारों श्रद्धालु जमा हुए।

यह मंदिर मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के तुलमुल्ला में स्थित माता खीर भवानी मंदिर का ही प्रतिरूप माना जाता है। यहां तड़के से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। सुबह तीन बजे पहली 'आरती' के साथ ही दिनभर चलने वाले धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई। इन अनुष्ठानों में विशेष पूजा, हवन, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण शामिल रहे।

घाटी में 1990 के दशक की शुरुआत में उग्रवाद के कारण कश्मीरी पंडितों का बड़े पैमाने पर विस्थापन हुआ था और इसके बाद ही जानीपुर में इस खीर भवानी पीठ का निर्माण किया गया।

सामुदायिक प्रयासों से निर्मित यह मंदिर बीते वर्षों में विस्थापित कश्मीरी समुदाय के लिए आस्था और सांस्कृतिक पहचान का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है। इसकी मदद से श्रद्धालु अपने पैतृक स्थान से दूर रहने के बावजूद माता खीर भवानी से जुड़ी सदियों पुरानी परंपराओं को जारी रखने में सक्षम हैं।

श्रद्धालुओं ने कहा कि यह मंदिर उन लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है जो कश्मीर में स्थित मूल मंदिर के दर्शन करने में असमर्थ हैं।

जम्मू शहर के बोहरी इलाके से आईं शीला कुमारी ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया 'हर कोई कश्मीर की यात्रा नहीं कर सकता है और यह मंदिर हमारे लिए उस कमी को पूरा करता है।'

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं ने यहां अपने परिवारों के स्वास्थ्य और भलाई के लिए प्रार्थना की। शीला ने उम्मीद जताई कि एक दिन वे अपने पैतृक स्थान पर लौट सकेंगे और कश्मीर में स्थित मूल मंदिर में पूजा-अर्चना कर पाएंगे।

भाषा प्रचेता वैभव

वैभव