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ओडिशा विधानसभा अध्यक्ष ने 11 विधायकों को अयोग्य ठहराने की बीजद और कांग्रेस की याचिका खारिज की

भुवनेश्वर, 22 जून (भाषा) ओडिशा विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जिनमें 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग करने के आरोपी उनके 11 विधायकों को अयोग्य घोषित करने का अनुरोध किया गया था।

बीजद की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक ने अपनी पार्टी के आठ विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग की थी, जबकि कांग्रेस विधायक दल के नेता रामचंद्र कदम ने अपनी पार्टी के तीन विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की याचिका दायर की थी।

बीजद की याचिकाओं का हवाला देते हुए ओडिशा विधानसभा सचिवालय ने 19 जून की अधिसूचना में कहा, ‘‘यह याचिका संक्षिप्त, अस्पष्ट, बिना ठोस आधार के और कानूनी आवश्यकताओं को पूरा नहीं करती है, इसलिए इसे गुण-दोष के आधार पर विचार के लिए स्वीकार नहीं किया जा सकता...।’’

इसमें कहा गया, ‘‘ यह याचिका गंभीर त्रुटियों से ग्रस्त है या इसे कानूनी प्रावधानों की स्पष्ट अनभिज्ञता के साथ प्रस्तुत किया गया है और यह विचार योग्य नहीं हैं।’’

जांच के बाद, अध्यक्ष ने पाया कि विधायकों के खिलाफ पेश साक्ष्य संविधान की दसवीं अनुसूची के पैरा 2(1)(ए) के तहत स्वेच्छा से त्यागपत्र देने या दल-बदल को प्रमाणित नहीं करते हैं।

बाद में विधानसभा अध्यक्ष ने पत्रकारों से कहा कि याचिकाएं पूरी नहीं थीं और उनमें साक्ष्यों की कमी थी। उन्होंने कहा, ‘‘यह निर्णय कानून के अनुसार लिया गया है।’’

बीजद ने आठ विधायकों की सदस्यता समाप्त करने की मांग की थी-इनमें बालिगुड़ा से चक्रमणि कन्हर, बांकी से देवी रंजन त्रिपाठी, पटकुरा से अरविंद महापात्रा, चंपुआ से सनातन महाकुड, बस्ता से सुभासिनी जेना, जयदेव से नब किशोर मलिक और कटक-चौद्वार से सौविक बिस्वाल शामिल हैं।

कांग्रेस ने भी अपने विधायकों-बाराबती-कटक से सोफिया फिरदौस, सनाखेमुंडी से रमेश जेना और मोहना से दशरथ गमांगकी अयोग्यता की मांग करते हुए याचिका दायर की थी।

भाषा शोभना वैभव

वैभव